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बास्केटबॉल चैंपियन अनीता पॉलदुरई की जीवन परिचय | Biography of Anitha Pauldurai Basketball Champion

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अनीता पॉलदुराई (Anitha Pauldurai)  पूर्व भारतीय महिला बास्केटबॉल खिलाड़ी को पद्मश्री पुरस्कार से नवाजित किया गया उनके खेल के प्रति योगदान के लिए। इस पुरस्कार के लिए उन्होंने बहुत लम्बा समय दिया अपने 35 साल के उम्र में उन्होंने 18 साल देश के लिए खेला हैं। लेकिन एक आश्चर्य की बात ये है कि उनके पूरे करियर के दौरान उन्हें अर्जुन पुरस्कार (भारत का सर्वोच्च खेल सम्मान) भी नहीं दिया गया। google free image भारत जैसे देश मे लोग महिलाओं को कमजोर समझते हैं लेकिन अनीता पॉलदुरई जैसी महिला उन लोगो का मुँह तब बन्द कर देती है जब वो 2015 में माँ बनने वाली थी और उन्हें खेल से दूर होना पड़ा लेकिन उन्होंने ने फिर से वापसी 2017 में की ऐसा करने वाली वह पहली महिला थी जो बॉस्केटबॉल खिलाड़ियों को प्रेरणा से भर दिया। स्टेफी निक्सन जैसी खिलाड़ी भी उनके इस कदम से प्रेरित हुई। " एक विजेता भी इतिहास में कभी न कभी ज़रूर हारा हुआ होता है, पर फिर भी वो इतिहास रच देता है क्यूंकि वो हार नहीं मानता है।" - अज्ञात अनीता पॉलदुरई का जीवन परिचय ( Anitha Pauldurai Biography in Hindi):- पूरा नाम (Name): अनी...

कहानी 'पद्मश्री' वीरेंदर सिंह 'गूंगा पहलवान' की | Biography of 'Padmshree' Virender Singh 'Goonga Pahalwan' in hindi

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प्रकृति हमें जो कुछ भी देती है वो बहुत सोच समझ कर देती है उसके पीछे कोई बड़ी वजह छुपी होती है जिसका अंदाजा हम नहीं लगा पाते कि जबतक प्रकृति न चाहें। आज हम ऐसे ही व्यक्ति के बारे में बात करने वाले हैं जिन्हें प्रकृति के जन्म से गूंगा और बहरा बनाया लेकिन उनके हौसलो और जज्बे के आगे प्रकृति को भी झुकना पड़ा। free image एक पहलवान जिसके खुशी में पूरे स्टेडियम में बैठ दर्शक उसके लिए तालियाँ बजाते हैं और उसका नाम लेकर चिल्लाते हैं, लेकिन वो न तो ये सब सुन सकता है और न ही उसपे कोई प्रतिक्रिया कर सकता है। मिलिये वीरेंदर सिंह से जिन्हें लोग मूक पहलवान या 'गूंगा पहलवान' के नाम से जानते हैं। ये जन्म से ही सुनने और बोलने में असमर्थ थे। 34 वर्षीय Virender Singh (wrestler) को 'पद्मश्री' पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। वीरेंदर सिंह भारत के सर्वश्रेष्ठ पहलवानों में से एक हैं जिन्होंने पिछले बारह वर्षों में सात पदक जीते हैं, जिनमें से चार स्वर्ण पदक हैं। लोग उन्हें गूंगा पहलवान के उपनाम से जानते है ये उन्हें कमजोर नही बल्कि उन्हें और मजबूत बनाता है इन्होंने ज़िंदगी की हर चु...