July health awareness month 2023 : अधिक धूप व गर्मी के बाद जुलाई के महीने में इससे थोड़ी राहत मिलती है क्योंकि बारिश अपनी खूबसूरती पूरे देख में बिखेरने लगती है जिससे मौसम थोडी नम व ठंडी हो जाती है। इस महीने में बारिश व धूप दोनों देखने को मिलते हैं और मौसम हर दिन बदलता हुआ दिखाई देता है जिसका प्रभाव हमारे स्वास्थ्य पर भी पड़ता है तो आपको इसके प्रभाव से बचने के लिए क्या खाने चाहिए व क्या नही खाने चाहिए तथा कैसे रहना चाहिए हम अपने इस आर्टिकल के माध्यम से समझायेंगे आइये जानते हैं-
वर्षा ऋतु (Varsha Season)
खतरनाक गर्मी के बाद इस महीने में मानसून का आगाज़ होता है और मौसम नम तथा खुशनुमा हो जाता है। इस मौसम के दौरान स्वास्थ्य सम्बंधित सावधानियो का खतरा बढ़ जाती है क्योंकि बारिश से होने वाली संक्रमण व पानी से होने वाली बीमारियों का प्रकोप देखने को मिलता है। ऐसे अवस्था में स्वास्थ्य का अधिक ध्यान व नियमित जांच करवाते रहना चाहिए।
◆ जुलाई महीने में मौसम (Weather in July month in Hindi):-
जुलाई महीने में तापमान अधिक्तम 41℃ (104°F) तथा न्यूनतम 23℃ (73.4°F) तक होता है। मानसून जुलाई महीने के अंत तक पूरे देश में फैल जाती है और सबको इसका आनंद देती है लेकिन इस मौसम के दौरान अपने स्वास्थ्य की अधिक सुरक्षा करनी चाहिए व अधिक बाहर निकलने तथा बाहर का खाने से परहेज करना चाहिए।
◆ जुलाई महीने में खाद्य पदार्थ (Foods in July month in Hindi):-
आइये जानते है कि इस महीने में क्या खाना चाहिए और क्या नही खाना चाहिए - इस मौसम में गर्म पानी पीना चाहिए। बरसात के मौसम में पाचन क्रिया कमजोर रहता है इसीलिए हल्के पदार्थों वाला भोजन ही करना चाहिए।
खाएँ
बैंगन, लौकी, भिंडी, परवल, खीर, खिचड़ी, ज्वार, भुने अन्न काला चना, मूंग, लहसुन, अदरक, प्याज, अरवी, सूखा नारियल, अंगूर, नींबू , आम, दही, मट्ठा, घी, दूध, हींग, धनिया, जीरा, गुड़, मिर्च, सेंधा नमक इत्यादि।
न खाएँ
करेला, बंदगोभी, पालक, जौ, बाजरा, सूखा चना, चना दाल, गाजर, साबूदाना, आलू, ककड़ी, जामुन, खरबूज, तरबूज, भैंस का दूध, पनीर, जलेबी, मिठाई, तले भोजन, शरबत, ठंडा व बिना गर्म पानी नही पीना चाहिए।
◆ जुलाई महीने में सब्जियां (July month indian seasonal Vegetables in Hindi):-
पालक (Spinach)
पालक एक सुपरफूड है इसमें कैलोरी कम होती है। ये त्वचा, बालों और हड्डीयो के लिए अच्छा होता है। इसमें प्रोटीन, लौह, विटामिन और खनिज पाए जाते है।
भिंडी (Lady’s finger)
भिंडी में पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं। इसमें विटामिन, खनिजों और फाइबर अधिक होता है। ये बालों और त्वचा के लिए बहुत अच्छा होती है।
खीरा (Cucumber)
खीरे में पानी की मात्रा अधिक होती है। गर्मी के मौसम में खीरा खाना स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। इसमें विटामिन व फाइबर पाए जाते हैं।
चावडी (Black-eyed peas)
चावडी प्रोटीन और फाइबर में उच्च होती हैं। ये वजन घटाने, पाचन स्वास्थ्य में सुधार करने और हृदय को स्वास्थ्य बनाने में मदद करता है।
गवार (Cluster beans)
यह वजन घटाने और मधुमेह में फायदेमंद होती है। इसमें विटामिन ए, सी, के और मैंगनीज व कुछ मिनरल्स पोटेशियम व लौह होती है।
मक्का (Corn)
मकई में फाइबर भरपूर मात्रा में होती है। मकई में वसा कम होती है, लेकिन मकई के तेल खाने के लिए अच्छा होता है।
शिमलामिर्च (Capsicum)
शिमलामिर्च कैलोरी में कम व वसा में शून्य होता है।शिमलामिर्च आंखों के लिए व कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है।
लौकी (Calabash)
लौकी में कोलेस्ट्रॉल बहुत कम होता है ये वजन घटाने में मदद करता है। इसमें विटामिन सी, बी, के, ए, ई, लौह, फोलेट, मैग्नीशियम और पोटेशियम पाये जाते हैं।
करेला (Bitter melon)
करेला में फाइबर, विटामिन सी, ए, फोलेट पाये जाते हैं। करेला रक्त मधुमेह को नियंत्रण करने में मदद करता है और खून को साफ रखता है।
लहसुन (Garlic)
लहसुन में सल्फर होती हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक होती हैं। लहसुन कैलोरी में कम होती है। इसमें विटामिन सी, बी6 और मैंगनीज पाई जाती है।
प्याज (Onion)
प्याज में सभी प्रकार के पोषक तत्व पाये जाते हैं जो स्वास्थ्य के लिए अच्छा होते हैं। प्याज कैलोरी में कम होता है। इसमें विटामिन, खनिज, और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होती है।
बिन्स (Bean)
सेम में प्रोटीन और फाइबर के साथ साथ वसा और कैलोरी में कम होती है और इसमें विटामिन और खनिजों भरपूर मात्रा में होती है। ये वजन घटाने में मदद करती है।
टमाटर (Tomato)
टमाटर कार्ब्स में कम होते हैं तथा पानी भरपूर होती है। इसमें विटामिन सी, के, व पोटेशियम, फोलेट प्रचुर मात्रा में पाई जाती है।
◆ जुलाई महीने में फल (July month indian seasonal fruits in Hindi):-
आम (Mango)
आम कैलोरी अधिक पाई जाती है। इसमें विटामिन सी, आयरन अधिक मात्रा में होती है। आम में पाई जाने वाला पॉलीफेनोल्स जो शरीर के अंदर एंटीऑक्सिडेंट के रूप में काम करती है।
चेरी (Cherry)
चेरी में विटामिन सी, पोटेशियम, फाइबर जैसे तत्व पाये जाते हैं। चेरी एंटीऑक्सिडेंट की मात्रा अधिक होती है जो बीमारीयो से लड़ने व उसके जोखिम को कम कर देती है।
आड़ू (Peach)
आड़ू में फाइबर, विटामिन और खनिजों में उच्च होता हैं और इसमें एंटीऑक्सिडेंट भी पाई जाती है। ये फल पाचन को सुचारू बनाने और आंतों के विकारों को कम करने में मदद करता है।
◆ जुलाई महीने में रोग और जागरूकता (Diseases and July month Health awareness in hindi):-
पूरे देश में जुलाई के महीने में बारिश होने लगता है और जगह जगह पानी जमा होने लगता है जिससे स्वास्थ्य सम्बंधित कई बीमारियों का ख़तरा पैदा होने लगता है। पानी जमा होने की वजह से वेक्टर बोर्न और पानी की बीमारियों वाले कीड़े मकोड़े पनपने लगते हैं जिससे बीमारियों का ख़तरा बढ़ जाती हैं। जैसे -
मलेरिया (Malaria)
मलेरिया खतरनाक बीमारी है। ये आमतौर पर एनोफेल्स मच्छर के काटने से फैलता है।
लक्षण (Symptoms)
मलेरिया के लक्षण आमतौर पर संक्रमण के बाद 10 दिनों से 4 सप्ताह के अंदर विकसित होते हैं। जैसे-
• उच्च बुखार
• लुटाऊ पसीना
• सरदर्द
• जी मिचलाना
• उल्टी
• उदर दर्द
• दस्त
• रक्ताल्पता
• मांसपेशियों में दर्द
• खूनी मल ये लक्षण दिखाई देता है।
डेंगू (Dengue)
डेंगू बुखार एक डेंगू वायरस से संक्रमित एईडीईएस मच्छर के काटने से फैलता है।
लक्षण (Symptoms)
इसके लक्षण आमतौर पर संक्रमण के चार से छह दिन बाद शुरू होते हैं और 10 दिनों तक चल सकते हैं। जैसे-
• अचानक तेज बुखार
• सिर दर्द
• आँखों के पीछे दर्द
• गंभीर जोड़ो
• मांसपेशी दर्द
• थकान
• जी मिचलाना
• उल्टी
• त्वचा का दाने दिखाई देती है।
चिकनगुनिया (Chikun gunia)
चिकनगुनिया मच्छरों द्वारा फैलने वाली एक वायरल बीमारी है जो बुखार की अचानक शुरुआत से होती है।
लक्षण (Symptoms)
इसका लक्षण आमतौर पर 3-7 दिनों के बाद शुरू होते हैं।
• बुखार
• जोड़ो का दर्द
• सिरदर्द
• मांसपेशी दर्द
• जोड़ो में सूजन
• दाने शामिल हो सकते हैं।
पीलिया (Jaundice)
"जांडिस" में त्वचा और आंखों का रंग पीला होने लगता है।यह एक बीमारी नहीं है इस बीमारी में खून कम बनता है और खून शरीर से कम होने लगता है।
लक्षण (Symptoms)
त्वचा की पीलापन और आंखों का पीलापन सामान्य लक्षण है।
हेपेटाइटिस (Hepatitis)
हेपेटाइटिस इस बीमारी से यकृत में सूजन बो जाती है जो आमतौर पर वायरल संक्रमण के कारण होता है।
गैस्ट्रोएंटेरिटिस (Gastroenteritis)
वायरल गैस्ट्रोएंटेरिटिस पेट और आंतों की एक सूजन है जो किसी भी वायरस के कारण होती है। वायरल गैस्ट्रोएंटेरिटिस दुनिया भर में लोगों को प्रभावित करता है।
28 जुलाई विश्व हेपेटाइटिस दिवस (World Hepatitis Day) होता है। हेपेटाइटिस खतरनाक बीमारी है, इसके संक्रमण से लिवर में सूजन होती है और लिवर अपने काम से प्रभावित हो जाती है। इस दिन हेपेटाइटिस के बारे में जगरूकता फैलाया जाता है।
टिप्स (Tips)
• बारिस के मौसम में हल्की और आसानी से पचने वाली चीजें खाएं।
• ठंडी तासीर वाली चीजों खाये जैसे- खीरा, नारियल, केला आदि।
• मौसमी फलों का उपयोग करें।
• खट्टे, नमकीन या कड़वे चीज खाने से बचें।
• हेवी मिल्क प्रॉडक्ट खाने से बचें।
• काजू और बादाम कम-से-कम खाएं।
• तेल व मसालों का इस्तेमाल ज्यादा न करें।
• अधिक व्यायाम न करें।
Note:-
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