Skip to main content
फरवरी महीना जागरूकता - खाद्य पदार्थ, फल, सब्जियां, मौसम और रोग | February month awareness - Foods, fruits, vegetables, weather and diseases in Hindi
February health awareness in Hindi 2023 : फरवरी साल का दूसरा महीना व ठंड का आखिरी महीना होता है व इस महीने की ठंड को 'गुलाबी ठंडक' कहते है। फरवरी महीने में मौसम में अधिक बदलाव होता है जिसका प्रभाव हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है। इस अवस्था से बचने के लिए हमें अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता होती है तथा खाने पीने का अधिक ध्यान रखना होता है। इसलिए हम अपने इस आर्टिकल के माध्यम से आपको लोगो को इस महीने में क्या खाना चाहिए व क्या नही खाना चाहिए तथा किस तरह अपना ध्यान रखना चाहिए इसके प्रति जागरूक करने आये है आइये जानते है -
शीत ऋतु (Winter Season)
शीत ऋतु या ठंड के मौसम में रोगो से लड़ने की क्षमता को बनाये रखना चाहिए ताकि बीमारियों से बचा जा सकें। मौसमी फल और सब्जियां इम्युनिटी को बढ़ाती है।
◆फरवरी महीने में मौसम (Weather in February month in Hindi):-
फरवरी जाड़े के मौसम का आखिरी महीना होता है। दिन में मौसम गर्म और रात में ठंडा होता है। दिन के दौरान थोड़ी धूप होती है तापमान लगभग 23 ℃ - 10 ℃ तक रहता है।
◆फरवरी महीने में खाद्य पदार्थ (Foods in February month in Hindi):-
आइये जानते है कि इस महीने में क्या खाना चाहिए और क्या नही खाना चाहिए-
फरवरी में घी, खिचड़ी खाना अच्छा होता है, सभी मौसमी फल और सब्जियों को खाना चाहिए। इस महीने में मिश्री नहीं खाना चाहिए क्योंकि कि इसकी तासीर ठंडी होती है। पानी हल्की गनगुनी पीनी चाहिए।
खाएँ
आलू, चना, अदरख, लौकी, पत्तागोभी, भिंडी, कद्दू , टमाटर, नया चावल, नया ज्वार व गेहूँ, मूंग, गाजर, सेब, गरी, अंगूर, नारंगी, अनन्नास, मक्खन, पनीर, क्रीम, घी, दूध, काजू, पिस्ता, मूँग दाल की खिचड़ी तथा गरम प्रकृति वाला भोजन करना चाहिए।
न खाएँ
नया व पुराना जौ, करेला, बैंगन, सूखी मेथी, सूरजमुखी, सेम, सूखी मूंग दाल व मटर, लहसुन, मूली, जीरा, तला भोजन, सरसों, लाल मिर्च, ठंडा पानी व ठंडी प्रकृति वाले भोजन से बचना चाहिए।
◆फरवरी महीने में सब्जियां (February month indian seasonal Vegetables in Hindi):-
सब्जियां (Vegetables):-
आइये जानते है, सब्जियां के बारे में जो स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होती है -
मेथी (Fenugreek Leaves)
मेथी में फाइबर और एंटी ऑक्सीडेंट्स पाये जाते है जो कब्ज या पाचन को दूर करने में मदद करती है। इसमें कैल्शियम, सेलेनियम, मैंगनीज, मैग्नीशियम, विटामिन ए और विटामिन सी पाई जाती है।
आलू (Potato)
आलू में पौष्टिक तत्व व स्टार्च होता है। आलू में अच्छे प्रोटीन होती है। आलू शरीर में क्षार की मात्रा बढ़ाने तथा उसे बराबर रखने में मदद करता है तथा यह वजन बढ़ाने में सहायक होता है।
प्याज का पत्ता (Onion Leaf's)
प्याज का पत्ता दिल के बीमारी, ब्लड शुगर, संक्रमण और कैंसर जैसे बीमारियों में लाभकारी होता है। इसमे विटामिन ए, सी, बी2, मैग्नीशियम, पोटैशियम जैसे मिनरल्स पाये जाते है।
ब्रोकोली (Broccoli)
ब्रोकली में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-कैंसर और एंटी-इंफ्लेमेटरी का भी गुण होता हैं। इसमे प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, जिंक जैसे पोषक तत्व होती हैं।
शिमलामिर्च (Capsicum)
शिमलामिर्च में ऐंटि-ऑक्सिडेंट होता है जो कैंसर से बचाता है। इसमे विटमिन सी, विटमिन ए, विटमिन के, फाइबर और बीटा-कैरोटीन पाई जाती है।
पत्तागोभी (Cabbage)
पत्तागोभी स्वास्थ्य, त्वचा और बालों के लिए लाभकारी है इसमें विटामिन बी1, विटामिन बी6, विटामिन के, इ, सी पाई जाती है।
फूलगोभी (Cauliflower)
फूलगोभी में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेटरी को बढ़ाने में मदद करती है। इसमे कैल्शियम, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, आयरन, विटामिन ए, बी, सी, आयोडीन पायी जाती है।
गाजर (Carrots)
गाजर में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते है जो इम्यूनिटी बढ़ाने व फ्री रेडिकल्स के प्रभाव से बचाती हैं। ये हृदय रोग, कैंसर व मधुमेह के ख़तरे से भी बचाती है। इसमे कैरीटोनॉइड, पोटैशियम, विटामिन ए और विटामिन इ पाई जाती है।
मूली (Radish)
मूली में मौजूद तत्व कैंसर, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर से बचाती है। इसमे फॉलिक एसिड व विटामिन सी पाई जाती है।
पालक (Spinach)
पालक में एंटी-ऑक्सीडेंट्स होती हैं जो संक्रमण से बचाने व हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करती है। इसमे कैल्शियम, क्लोरीन, प्रोटीन, आयरन, विटामिन ए और विटामिन सी होती है।
◆फरवरी महीने में फल (February month indian seasonal Fruits in Hindi):-
फल (Fruits):-
आइये जानते है फलो के बारे में जो स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होती है -
चीकू (Sapota)
चीकू में ग्लूकोज पाया जाता है जो शरीर को तुरंत एनर्जी देता है। इसमे एंटी-कैंसर गुण पाए जाते है गये हैं। चीकू में विटामिन बी, सी, ई और कैल्शियम, मैग्नीशियम, मैंगनीज, फाइबर, मिनरल और एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं।
पपीता (Papaya)
पपीता में फाइबर, एंटीऑक्सिडेंट्स व विटामिन सी अधिक होती है। इसमे मैग्नीशियम, कैरोटीन, फाइबर, फोलेट, पोटैशियम, कॉपर, कैल्शियम पायी जाती है।
अनार (Pomegranate)
अनार खून की कमी, पीलिया, अनेमिया जैसी बीमारी में लाभकारी होता है। इसमे आयरन होता है जो खून की कमी को दूर करता है। अनार में फाइबर, विटामिन के, सी, और बी, आयरन, पोटेशियम, जिंक और ओमेगा-6 पाये जाते हैं
अनानास (Pineapple)
अनानास एंटी-इनफ्लेमेटरी और एंटी-ऑक्सिडेंट्स होता है जो पाचन, प्रतिरक्षा प्रणाली और हड्डियों को मजबूत करता है। इसमे विटामिन ए, सी, बी6, के मैंगनीज़, पोटैशियम और मैग्नीशियम होती है
स्ट्रॉबेरी (Strawberry)
स्ट्रॉबेरी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करती है। इसमें विटामिन सी, विटामिन ए, के, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉलिक एसिड, पोटैशियम होती है।
संतरा (Orange)
संतरे में विटामिन सी अधिक होती है जो इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है। संतरे में कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती है।
अंगूर (Grapes)
अंगूर में एंटी-ऑक्सीडेंट व एंटी-इंफ्लेमेटरी के गुण पाये जाते हैं। इसमे प्रोटीन, फाइबर, तांबा, पोटेशियम, लौह, फोलेट, विटामिन सी, ए होती हैं। अंगूर शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करती है।
अमरूद (Guava)
अमरूद में कोलेस्ट्रॉल नही होता है। इसमे फाइबर अधिक होता है। ये कई बीमारियों में लाभकारी होता है मधुमेह, हृदय, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल इंफेक्शन, मलेरिया, श्वसन संक्रमण, मुहं/दांत का संक्रमण, त्वचा संक्रमण में लाभदायक होता है।
कीवी (Kiwi)
कीवी इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है व रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी होता है व फाइबर, विटामिन ई, पॉलीफेनॉल्स, और कैरोटीनॉयड पाई जाती है।
◆फरवरी महीने में रोग और जागरूकता (Diseases and February month Health awareness in hindi):-
फरवरी के महीने में हल्की ठंड (गुलाबी ठंड) लगती है मौसम बदलाव धीरे-धीरे होने लगता है, ऐसे में स्वास्थ्य के प्रति अधिक ध्यान रखने की आवश्यकता पड़ती है क्योंकि इस तरह के मौसम में सर्दी व बुखारा का ख़तरा अधिक बढ़ जाता है।
04 फरवरी विश्व कैंसर दिवस (World Cancer Day) मनाया जाता है। इस दिन कैंसर के प्रति जागरूक किया जाता है। कैंसर जानलेवा बीमारी है इसका मुख्य कारण होता है जैसे - अधिक धूम्रपान, शराब, ज्यादा धूप में रहना, पौष्टिक आहार की कमी, शारिरिक श्रम या व्यायाम ना करना और अधिक वजन का होना इत्यादि।
टिप्स (Tips)
• गर्म, हल्की और सूखी चीजे खाएं ताकि कफ बढ़े नहीं।
• काली मिर्च, पिपली जैसे तीखे मसाले खाये जिससे पित्त कंट्रोल में रहेगा।
• लौंग, जीरा और अदरक का काढ़ा पिये जो पाचन में मदद करता है।
• गुड़, दूध और दूध से बनी चीजें ज्यादा खाएं।
• ताजा व गुनगुने पानी से नहाएं।
• तिल के तेल से मालिश करें।
• 30 मिनट धूप में जरूर बैठे।
• ठंडी व भारी खाना खाने से बचें।
• ठंडी तासीर वाली चीजों से दूरी बनाएं रखें।
Note:-
यदि दी गयी जानकारी useful लगे तो इसे सबके साथ साझा करें क्योंकि अच्छी जानकारी सबके साथ बाटनी चाहिए, तो कृपया शेयर भी करें और हमारे काम को appreciate करें।
Letest updates के लिए हमें अपने E-mail id से subscribe जरूर करें और सभी social media platform पर follow जरुर करें।
"इस आर्टिकल को पढ़ने के लिए आपको धन्यवाद"
Health और Fitness सम्बन्धित जानकारी के लिए हमारे वेबसाइट Madness For Wellness पर आते रहिये।
इन्हें भी पढ़े-
2022 हेल्थ कैलेंडर जागरूकता | 2022 Health Awareness Calendar in Hindi | Seasonal Diseases in India
किस मौसम या ऋतु में क्या खाना चाहिए और क्या नही? | किस माह में क्या खाना चाहिए क्या नहीं खाना चाहिए? | Seasonal Food Eating in hindi | Eating according to ayurveda in hindi
भारतीय मौसमी फल और सब्जियां | Seasonal Fruits and Vegetables in Hindi
अच्छे स्वास्थ्य और अधिक ऊर्जा के लिए स्वस्थ दैनिक दिनचर्या (Healthy Daily Routine for Good Health and More Energy)
स्वस्थ जीवन शैली, swasth jeevan shaili के उपाय | Healthy Lifestyle in Hindi
योग के लाभ | Benefits of Yoga in Hindi | Yoga for Life in Hindi
Vyayam क्यों करना चाहिए? | व्यायाम के फायदे और नुकसान | Workout Benefits in Hindi | Exercise in Hindi
Popular posts from this blog
Comments
Post a Comment