अक्टूबर महीना जागरूकता - खाद्य पदार्थ, फल, सब्जियां, मौसम और रोग October Month's awareness- Foods, fruits, vegetables, weather and diseases

October month health awareness 2023 : स्वस्थ रहने के लिए अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना बेहद जरूरी होता है ताकि हम खुद को और अपने परिवार को किसी भी बीमारी से बचा सके। इसलिए आज हम अपने इस आर्टिकल के माध्यम से आपको को जागरूक करने वाले हैं ताकि आपको पता रहे कि इस अक्टूबर के महीने में क्या खाना चाहिए और क्या नही खाना चाहिए तथा किस तरह के बीमारियों से सतर्क रहना चाहिए आइये जानते है-



अक्टूबर महीने में मौसम (WEATHER IN OCTOBER MONTH IN HINDI)


अक्टूबर महीना मानसून के मौसम का अंत और शरद ऋतु का प्रभाव रहता है तथा गर्म, धूप रहता है। देश में औसतन तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से लेकर 30 डिग्री सेल्सियस तक होता है। इस महीने में दिन का समय और रात की लंबाई समान रहती है।

● शरद ऋतु या पतझड़ (Autumn season in India)


शरद ऋतु के मौसम में पेड़ से पत्ते झड़ जाते हैं, और चारो तरफ हरियाली रहती हैं। ये मौसम सितंबर - अक्टूबर महीने के बीच रहता है। शरद ऋतु वर्षा ऋतु के बाद और शीत ऋतु से पहले का मौसम होता है।

● अक्टूबर महीने में खाद्य पदार्थ (Foods in October month in Hindi):-


खाएँ

गुड़, मिश्री, चौलाई, लौकी, करेला, बंदगोभी, मेथी, भिंडी, पालक, सेम, बाकला, मूंग तथा मटर, बीन्स, आलू, शकरकंद, साबूदाना, सिंघाड़ा तथा अरवी, चिकन तथा मटन, सेब, केला, अंजीर, नारियल, मुनक्का, आँवला, अंगूर, जामुन, अनार, चीकू, मक्खन, घी, खोया, आइसक्रीम तथा दूध, धनिया के दाने तथा पत्ते, शहद तथा इस महीने के गुड़ खाना फायदेमंद रहता है।

न खाएँ

आलू, मक्का, काला चना, चेरी, नींबू, आडू, अनन्नास, कच्चा आम, स्ट्रॉबेरी, मट्ठा, दही, मट्ठे की कढ़ी, हींग, मिर्च, चना मसाला, पुदीना, कालीमिर्च, अचार तथा सूरजमुखी का तेल, हलका गरम पानी तथा रात में रखा गया पानी नही पीना चाहिए तथा इस महीने में करेला न खाएं।

● अक्टूबर महीने में सब्जियां (Vegetables in October Month in Hindi):-


बैंगन (Eggplant)


बैंगन में विटामिन, खनिज और पोषक तत्व होते है। इसमें विटामिन सी, विटामिन के, विटामिन बी 6, थायामिन, नियासिन, मैग्नीशियम, फास्फोरस, कॉपर, फाइबर, पोटेशियम और मैंगनीज पाया जाता है। कोलेस्ट्रोल या संतृप्त वसा इसमें नहीं पाया जाता है।

टमाटर (Tomato)


टमाटर में विटामिन सी, लाइकोपीन, विटामिन, पोटैशियम पर्याप्त मात्रा में होता है। इसमें कोलेस्ट्रॉल को कम करने वाले तत्व भी पाये जाते हैं। टमाटर की सबसे बड़ी खासियत ये है कि टमाटर को पकान देने के बाद भी उसके पोषक तत्व बने रहते हैं।

सोआ ( Dill)


सोआ औषधीय पौधा है जिसका प्रयोग दवाओं के साथ-साथ खाना बनाने में भी किया जाता है। यह अपच, मासिक धर्म के दौरान महिलाओं के पेट में होने वाली ऐंठन, सामान्य सर्दी-खांसी और फ्लू के लक्षणों के उपचार के लिए इस्तेमाल की जाती है। ये बहुत ही गुणकारी पौधा है।

प्याज का पत्ता (Onion green leaf's)


हरे प्याज के पत्ते में विटामिन ए, विटामिन सी और विटामिन बी2 भरपूर पाए जाते हैं। ये थायमीन और विटामिन के का भी एक अच्छा स्त्रोत है। विटामिन के साथ-साथ इसमें कॉपर, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, पोटैशियम, क्रोमियम और मैगनीज जैसे स्वस्थ्य के लिए आवश्यक लवण भी पाए जाते हैं।

● अक्टूबर महीने में फल (Fruits in October month in Hindi):-


अमरूद (Guava)


अमरूद उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद होता है, जो लोग प्रोटीन, विटामिन और फाइबर के सेवन में समझौता किए बिना वजन को कम करना चाहते हैं। अमरूद में कोलेस्ट्रॉल अनुपस्थित होता है तथा सुपाच्य कार्बोहाइड्रेट बहुत ही कम मात्रा में पाया जाता है।

पपीता (Papaya)


पपीते का रस प्रोटीन को आसानी से पचा देता है। इसलिए पपीता पेट और आँत संबंधी विकारों में बहुत ही लाभप्रद होता है। पपीते में पाया जाने वाला विटामिन 'ए' त्वचा एवं नेत्र के लिए बहुत ही आवश्यक होता है। पपीते में कैल्शियम भी अच्छी मात्रा में होता है।

अनार (Pomegranate)


अनार फाइबर के साथ-साथ विटामिन सी, के और बी का बहुत अच्छा स्रोत होता है। इसमें आयरन, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटेशियम, फोलेट, मैंगनीज, सेलेनियम, ज़िंक जैसे पोषक तत्व होते हैं। यह फल ओमेगा-6 फैटी एसिड का भी एक अच्छा स्रोत है। अनार वायु, पित्त, कफ की वजह से शरीर में हुए असंतुलन को ठीक करता है तथा हीमोग्लोबिन के गठन को बेहतर बनाता है और एक बहुत अच्छा रक्त शोधक है।

शरीफा (Custard apple)


शरीफा शरीर को शीतलता और ऊर्जा देता है। पाचन क्रिया को ठीक रखता है। कई पोषण से भरपूर शरीफा दिल को भी स्वस्थ रखता है। इसके सेवन से सेहत पर कई अन्य फायदे भी होते हैं, अगर महिलाएं इसे प्रेग्नेंसी में खाये तो मां ही नहीं बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु को भी सारे पोषण के जरूरतो को पूरा करता है।

कृष्णा फल (Passion Fruit)


पैशन फ्रूट को भारत में कृष्णा फल के नाम से जाना जाता है। पैशन फ्रूट पोषक तत्व, खनिज और विटामिन से भरपूर होता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट, फ्लैनोनोड्स, विटामिन ए, विटामिन सी, राइबोफ़्लिविन, नियासिन, लोहा, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटेशियम, तांबा, फाइबर और कई अन्य विटामिनों और खनिजों की प्रतिशतता बहुत अधिक होती है।

● अक्टूबर महीने में रोग और जागरूकता (Diseases and October month Health awareness in hindi):-


मौसम में बदलाव की वजह से वायरल बुखार और एलर्जी का ख़तरा रहता है। वेक्टर जनित बीमारियाँ जैसे डेंगू और मलेरिया अभी भी मंडराते हैं।
आइये जानते है इसके बारे में थोड़ी जानकारी और सावधानि जिससे आप खुद को सुरक्षित रख सकें -

वायरल बुखार (Viral Fiber)


कोरोना की वजह से लोगों में बुखार को लेकर ज्यादा ही ड़र बना हुआ है, वहीं बदलते मौसम की वजह से वायरल बुखार का भी मौसम चल रहा है। बारिश के बाद तेज धूप और कड़ी गर्मी लोगों को बीमार करते जा रहा है। मौसम बदलने और तापमान में बदलाव के कारण शरीर के रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिसके बजह से बुखार के बैक्टीरिया आसानी से हमारे शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। वायरल का बुखार हमारे प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देता है, जिसकी वजह से शरीर में इंफेक्शन तेजी से बढ़ता है। वायरल का संक्रमण तेजी से एक इंसान से दूसरे इंसान में पहुंच जाता है।

लक्षण (Symptoms)


वायरल होने वाले के शरीर में कुछ ऐसे लक्षण दिखते हैं जैसे, गले में दर्द, खांसी, सिर दर्द थकान, जोड़ों में दर्द के साथ ही उल्टी और दस्त होना, आंखों का लाल होना और माथे का बहुत तेज गर्म होना आदि।

एलर्जी (Allergy)


मौसम के बदलाव के साथ कई बीमारियां भी आती हैं और एलर्जी इन्हीं में से एक है। कुछ एलर्जीया तो ऐसी होती हैं जो व्यक्ति में पूरी जीवन के लिए होती हैं लेकिन कुछ ऐसी भी होती हैं जो मौसम के बदलने पर होती हैं। ऐसी एलर्जी शरीर के सबसे संवेदनशील अंगों जैसे आंख, कान, नाक, गले और त्वचा को प्रभावित करता हैं। अगर आपको मौसम बदलने पर छींकें आने लगता हैं या त्वचा में खुजली होती है तो ये भी एलर्जी के लक्षण हो सकते है। 

मलेरिया (Malaria)


मलेरिया एक खतरनाक बीमारी है। यह आमतौर पर एक संक्रमित एनोफेल्स मच्छर के काटने के माध्यम से फैलता है। संक्रमित मच्छर प्लाज्मोडियम परजीवी ले जाते हैं। जब यह मच्छर आपको काटता है, तो परजीवी आपके रक्त प्रवाह में जारी की जाती है। एक बार परजीवी आपके शरीर के अंदर हैं, वे यकृत की यात्रा करते हैं, जहां वे परिपक्व होते हैं। कई दिनों के बाद, परिपक्व परजीवी रक्त प्रवाह में प्रवेश करते हैं और लाल रक्त कोशिकाओं को संक्रमित करना शुरू करते हैं।

लक्षण (Symptoms)


मलेरिया के लक्षण आमतौर पर संक्रमण के बाद 10 दिनों से 4 सप्ताह के भीतर विकसित होते हैं। कुछ मामलों में, कई महीनों तक लक्षण विकसित नहीं हो सकते हैं। कुछ मलेरियल परजीवी शरीर में प्रवेश कर सकते हैं लेकिन लंबे समय तक निष्क्रिय होंगे। जिससे- उच्च बुखार, लुटाऊ पसीना, सरदर्द, जी मिचलाना, उल्टी, उदर दर्द, दस्त, रक्ताल्पता, मांसपेशियों में दर्द, आक्षेप, कोमा, और खूनी मल ये लक्षण दिखाई देता है।

डेंगू (Dengue)


अधिकांश मामले दुनिया के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में होते हैं, जिसमें सबसे बड़ा जोखिम होता है। डेंगू बुखार एक डेंगू वायरस से संक्रमित एईडीईएस मच्छर के काटने से प्रसारित होता है। मच्छर संक्रमित हो जाता है जब यह अपने रक्त में डेंगू वायरस वाले व्यक्ति को काटता है। यह सीधे एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैलाया नहीं जा सकता है।

लक्षण (Symptoms)


लक्षण, जो आमतौर पर संक्रमण के चार से छह दिन बाद शुरू होते हैं और 10 दिनों तक चल सकते हैं, इसमें शामिल हो सकते हैं जैसे- अचानक तेज बुखार, सिर दर्द, आँखों के पीछे दर्द, गंभीर जोड़ो और मांसपेशी दर्द, थकान, जी मिचलाना, उल्टी, त्वचा का दाने, जो बुखार की शुरुआत के दो से पांच दिन बाद दिखाई देती है

ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis)


ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या दिन-ब-दिन तेजी से बढ़ रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह जीवनशैली में बदलाव, खान-पान और व्यायाम के प्रति लापरवाही को माना जा रहा है। इस के कारण यह समस्याएं युवाओं में बढ़ रही है। 
अगर आपको कमर में दर्द, गर्दन में दर्द, घुटने में दर्द या शरीर के किसी भी भाग के हड्डियों में हल्के दर्द की शुरुआत हो गई हो तो सावधान हो जाइये। ध्यान रखे कि आप ऑस्टियोपोरोसिस के शिकार तो नहीं होने जा रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार ऑस्टियोपोरोसिस एक वैश्विक स्वास्थ्य समस्या के रूप में हृदय रोग के बाद पूरे दुनिया मे दूसरे स्थान पर आ चुका है। 

स्तन कैंसर (Breast cancer)


​​​(Breast cancer awareness month)  ब्रेस्ट कैंसर से ज्यादातर महिलाएं पीड़ित हैं। एक अनुमान के अनुसार प्रति 8 घंटे में एक महिला की मौत ब्रेस्ट कैंसर (स्तन कैंसर) के कारण हो जाती है। यह आंकडे इस कैंसर की भयावह तस्वीर बयां करने के लिए पर्याप्त हैं। ब्रेस्ट कैंसर को स्तन कैंसर के नाम से भी जाना जाता है। स्तन कैंसर की शुरूआत तब होती है, जब स्तन में कोशिकाओं का विकास असाधारण रूप से हो जाता है।

01 अक्टूबर विश्व शाकाहारी दिवस (World Vegetarian Day) मनाया जात है। इस दिन शाकाहारी आहार के लाभों के बारे में जागरूकता फैलाया जाता है।

06 अक्टूबर सेरेब्रल पाल्सी दिवस (Cerebral Palsy Day) मनाया जाता है, इस दिन को सेरेब्रल पाल्सी बीमारी से पीड़ित की देखभाल करने वाले और उन्हें समर्थन करने वाले संगठनों को सम्मान दिया जा सके।

08 अक्टूबर विश्व दृष्टि दिवस (World Sight Day) 2020 मनाया जाता है। इसका उद्देश्य दुनिया भर के लोगों का दृष्टि दोष और अंधेपन पर ध्यान केंद्रित करना होता है।

10 अक्टूबर विश्व मानसिक दिवस (World Mental Health Day) मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ के बारे में जागरुकता बढ़ाना और मानसिक स्वास्थ्य के सहयोगात्मक प्रयासों को संगठित करना है।

12 अक्टूबर विश्व गठिया दिवस (World Arthritis Day) मनाया जाता है। ऑर्थराइटिस या पिर गठिया की बीमारी किसी को भी हो सकती है और यह बेहद तकलीफ देह होती है।

13 अक्टूबर थ्रोम्बोसिस दिवस (World Thrombosis Day) मनाया जाता है। थ्रोम्बोसिस पर जागरूकता बढ़ाने के लिए डब्ल्यूटीडी की स्थापना की गई है।

15 अक्टूबर विश्व हस्त प्रक्षालन दिवस (Global Hand washing Day) मनाया जाता है। इसे मनाने का उद्देश्य ये है कि हाथों को अच्छी तरह से धोने के फायदों और महत्व बताया जा सकें।

16 अक्टूबर विश्व खाद्य दिवस (World Food Day) मनाया जाता है। इस दिवस पर खाद्य सुरक्षा और पौष्टिक आहार की आवश्यकता के बारे में जानकारी देना है।

20 अक्टूबर विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस (World Osteoporosis Day) मनाया जाता है। इसका उद्देश्य ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षण और उपचार के बारे में जागरूक करना है।

21 अक्टूबर विश्व आयोडीन डिफसिऐंसी दिवस (World Iodine Deficiency Day) मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य ग्लोबल आयोडीन डिफसिऐंसी डिसऑर्डर (IID) प्रिवेंशन डे के रूप में भी जाने जाता है।

24 अक्टूबर विश्व पोलियो दिवस (World Polio Day) मनाया जाता है। ये एक खतरनाक बीमारी है जो दुनिया भर में लाखों बच्चों के जीवन को बाधित किया था।

29 विश्व स्ट्रोक दिवस (World Stroke Day) मनाया जाता है। इसका उद्देश्य ये है कि इस बीमारी को वैश्विक स्तर पर चिन्हित किया जा सके कि स्ट्रोक को बेहतर तरीके से रोका जा सकता है।

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