सितम्बर महीना जागरूकता - खाद्य पदार्थ, फल, सब्जियां, मौसम और रोग(September month awareness - Foods, fruits, vegetables, weather and diseases in Hindi)

September health awareness month 2023 : इस महीने में पतझड़ रहता है तथा आधे सितम्बर से बारिश धिरे - धिरे कम होने लगती है और हल्की ठंड का अहसास होने लगता है। ऐसे में हमे बीमारियों से बचने के लिये खुद को तैयार रखना चाहिए और अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना चाहिए। इसी लिए हम (september month health awareness) ये बता रहे है कि इस महीने में क्या खाना चाहिए और क्या खाने से बचना चाहिए जो हमारे स्वास्थ्य के लिए अच्छा हो आइये जानते है अपने इस आर्टिकल के माध्यम से -



◆सितम्बर महीने में मौसम (Weather in September month in Hindi):-


सितंबर का महीना मानसून के मौसम का अंत और भारत में ठंड के मौसम की शुरुआत का प्रतीक होता है। इस समय अथवा इस महीने में, देश भर में तापमान लगभग 22 ° C (72 ° F) औसत रहता है और मौसम धिरे - धिरे ठंडा होने लगता है। सितम्बर महीने में मौसम थोड़ा नम, अधिक धूप और सुखद माहौल हो जाता है।

◆शरद ऋतु या पतझड़ (Autumn season in India)


भारत में शरद ऋतु का मौसम साल का वह समय होता है जब पेड़ से पत्ते झड़ जाते हैं, और हमारे चारो तरफ हरियाली होती हैं। इस मौसम को पतझड़ का मौसम भी कहा जाता है। ये मौसम आमतौर पर सितंबर और अक्टूबर महीने के बीच रहता है। शरद ऋतु वर्षा ऋतु के बाद और शीत ऋतु से पहले का मौसम होता है। इस समय दिन और रात की लंबाई समान होती है।

◆सितम्बर महीने में खाद्य पदार्थ (Foods in September month in Hindi):-


खाएँ
लौकी, बैंगन, भिंडी, परवल, खीर, पुराने चावल, पुराना गेहूँ, खिचड़ी, आधा उबला चावल, ज्वार, भुने अन्न तथा गेहूं, काला चना, मूंग, लहसुन, अदरक, प्याज तथा अरवी, चिकन तथा मटन, सूखा नारियल, अंगूर, नींबू तथा आम, दही, मट्ठा, घी तथा दूध, हींग, धनिया, जीरा, गुड़, मिर्च तथा सेंधा नमक, गरम पानी पीना चाहिए और तिल खाना चाहिए।

न खाएँ
दही, छाछ, करेला, बंदगोभी, सुखी सब्जियाँ तथा पालक, जौ, मक्का तथा बाजरा, सूखा चना तथा चना दाल, गाजर, अरवी, कमल ककड़ी, साबूदाना, आलू, सूखा मटन तथा मछली, ककड़ी, जामुन, खरबूज तथा तरबूज, भैंस का दूध, पनीर, जलेबी, मिठाई, तले भोजन, शरबत तथा स्क्वैश, ठंडा तथा बिना उबाला पानी नही पीना चाहिए। बरसात में पाचन क्रिया कमजोर होता है इसीलिए हल्के पदार्थों वाला ,भोजन ही करना चाहिए।

◆सितम्बर महीने में सब्जियां (September month indian seasonal Vegetables in Hindi):-


पालक (Spinach)

पालक को सुपरफूड कहते है। ये कैलोरी में कम और पोषक तत्वों से भरा हुआ होता है। गहरे हरे रंग का ये पत्तेदार पालक फायदेमंद है जैसे- त्वचा, बालों और हड्डीयो के स्वास्थ्य के लिए। इसमे प्रोटीन, लौह, विटामिन और खनिज पाए जाते हैं।

भिंडी (Lady’s finger)

भिंडी एक हरी सब्जी है जो पोषक तत्वों से भरपूर है। इसमे विटामिन, खनिज और फाइबर उच्च मात्रा में पाए जाते हैं जो कई स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हैं। भिंडी बालों और त्वचा के लिए बहुत अच्छा होता है।

खीरा (Cucumber)

खीरे में भरपूर पानी होती है, जो निर्जलीकरण तथा शरीर में पानी की कमी को दूर करता है। खीरे को गर्म मौसम में खाने के अनेको लाभ हैं। खीरा वजन कम करने में भी मदद करता है और इसे खाने से त्वचा में निखार आता है।

चावडी (Black-eyed peas)

चावडी प्रोटीन और फाइबर में उच्च होते हैं, जैसे- फोलेट, तांबा और थाइमिन जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों पाए जाते हैं।चावडी वजन घटाने, पाचन स्वास्थ्य को सुधारने और बेहतर हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होती है।

गवार (Cluster beans)

ये सब्जी अपनी पोषक तत्वो के कारण स्वास्थ्य के लिए बहुत ही अच्छा है। यह वजन घटाने तथा मधुमेह के उपचार में उपयोगी होता है। गवार कैलोरी में कम होता है, इसमें विटामिन सी, विटामिन के, मैंगनीज, विटामिन ए, पोटेशियम, आयरन और फाइबर होता है, जो इसे एक समृद्ध आहार बनाता है।

मक्का (Corn)

मक्का कार्ब्स से बना है और इसमे फाइबर में काफी अधिक मात्रा में होता है। इसमे प्रोटीन की गुणवत्ता कम होती है तथा इसमें वसा भी कम पायी जाती है।

शिमलामिर्च (Capsicum)

शिमलामिर्च कैलोरी में कम और वसा में शून्य होता है। ये हमारे शरीर की कैलोरी जलाने में मदद के लिए जाने जाते हैं।
शिमलामिर्च आंखों के लिए बहुत अच्छा हैं ये रक्तचाप को कम करने और हमारे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी नियंत्रित करने में मदद करता है। शिमलामिर्च को कई पाचन संबंधी समस्याओं के लिए औषधि माना जाता है।

शकरकंद (Sweet potato)

शकरकंद कार्बोस से बना होते हैं। इसमे स्टार्च तथा फाइबर होते हैं। शकरकंद में प्रोटीन कम होती है। शकरकंद बीटा कैरोटीन, विटामिन सी, और पोटेशियम का एक उत्कृष्ट स्रोत होता हैं। ये स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक होती है।

◆सितम्बर महीने में फल (September month indian seasonal Fruits in Hindi):-


अमरूद  (Guava)

अमरूद उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद होता है, जो लोग प्रोटीन, विटामिन और फाइबर के सेवन में समझौता किए बिना ही अपना वजन कम करना चाहते हैं। इसमे विटामिन और मिनरल्स होता ही है लेकिन कोलेस्ट्रॉल नही पाए जाते है। अमरूद हमारे शरीर में पोषक तत्वों के कमी को भी पूरा करता है। इसमें सेब, संतरा, अंगूर एवं अन्य फलों की तुलना में शुगर कम पाया जाता है।

पपीता (Papaya)

पपीता रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और पाचन के लिए बहुत ही लाभदायक होता है। पपीता पेट और आँत संबंधी विकारों में बहुत ही लाभप्रद होता है। इसमे विटामिन 'ए' पाया जाता है जो त्वचा एवं आँखों के लिए बहुत ही आवश्यक होता है। इस विटामिन से त्वचा स्वस्थ, स्वच्छ और चमकदार रहती है। पपीते में कैल्शियम भी अच्छी मात्रा में होता है जो बच्चों के वृद्धि में लाभदायक रहती है।  

अनार (Pomegranate)

अनार में फाइबर, विटामिन सी, के और बी का अच्छा स्रोत माना जाता है। इसमें आयरन, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटेशियम, फोलेट, मैंगनीज, सेलेनियम, ज़िंक और ओमेगा-6 फैटी एसिड का भी एक अच्छा स्रोत है। अनार औषधीय गुण पाए जाते है। अनार पाचन शक्ति को तन्दरुस्त करता है, वीर्य को बढ़ाता है, स्मृति सक्रिय करता है, वायु, पित्त, कफ की वजह से शरीर में हुए असंतुलन को ठीक करता है तथा हीमोग्लोबिन को बेहतर बनाता है और खून बढ़ाने में मदद करता है।

शरीफा (Custard apple)

शरीफा शरीर को ठंडक और ऊर्जा देता है। ये पाचन क्रिया तथा दिल को ठीक रखता है। इसे प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को खिलाया जाए तो ये शिशु और माँ दोनो के लिए लाभदायक होता है। शरीफा कई गभींर बीमारियों में भी बहुत फायदेमंद होता है ये हाई और लो बीपी, सुगर, ह्रदय रोग के लिए अच्छा होता है। ये इम्युन सिस्टम को भी मजबूत बनाता है, इससे शरीर को रोगों से लड़ने कि शक्ति मिलती है।

कृष्णा फल (Passion Fruit)

पैशन फ्रूट पोषक तत्व, खनिज और विटामिन से भरपूर होता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट, फ्लैनोनोड्स, विटामिन ए, विटामिन सी, राइबोफ़्लिविन, नियासिन, लोहा, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटेशियम, तांबा, फाइबर पाए जाते हैं। यह फल कैंसर की वृद्धि रोकने, पाचन शक्ति को बढ़ाने, प्रतिरक्षा कार्यों को बढ़ावा देने, दृष्टि और त्वचा के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने, शरीर में द्रव संतुलन को नियमित करने, रक्त परिसंचरण को बढ़ाने और शरीर में खनिज घनत्व में सुधार करने में सहायक होता है।

◆सितम्बर महीने में रोग और जागरूकता (Diseases and September month Health awareness in hindi):-


दिल हमारे शरीर का महत्वपूर्ण हिस्सा है ये तो हम सभी जानते हैं। लेकिन क्या हम अपने दिल की महत्वपूर्णता को जानते हुए भी इसका ध्यान रखते हैं ? शायद नहीं। “आज के आधुनिक जीवनशैली और अनियमित आहार के कारण 30 से 40 वर्ष की उम्र में ही लोगों को दिल के रोग होने लगे हैं। यह समस्या इतनी आम है की हर परिवार में कोई न कोई सदस्य ह्रदय रोग से ग्रसित है। यही नहीं बल्कि अब तो छोटी उम्र के बच्चे भी इस गम्भीर बीमारी का शिकार होते जा रहे हैं।  

भारत में ख़राब जीवनशैली, तनाव, व्यायाम ना करने और अनियमित खाने के आदतों की वजह से लोगों को दिल से संबंधित गंभीर बीमारियां होने लगे हैं। हृदय रोग, दुनिया में मृत्यु और विकलांगता का प्रमुख कारण है, और ह्रदय रोगों के कारण हर साल दूसरे रोग की तुलना में अधिक मौतें होती हैं। इसीलिए यह बेहद ज़रूरी है की हम अपने हृदय के सेहत का ध्यान रखे और स्वस्थ जीवन व्यतीत करें।

01 से 07 सितम्बर न्‍यूट्र‍िशन वीक (Nutrition Week) सितंबर के पहले हफ्ते यानी 1 से 7 तारीख के बीच न्‍यूट्र‍िशन वीक मनाया जाता है। इस दिन लोगो को पोषण के प्रति जागरूक करना है।

05 सितम्बर स्पाइनल कॉर्ड इंजरी दिवस (Spinal Cord Injury Day) रीढ़ की हड्डी में चोट का प्रभाव हमारे पूरे शरीर में खासकर हाथ और पांव पर अधिक पड़ता है, जिसके वजह से लोग विकलांग भी हो सकते है। इसीलिए इस बारे में जागरूकता फैलाने के लिए इस दिन को मनाया जाता है।

10 सितम्बर विश्व सुसाइड प्रिवेंशन दिवस (World Suicide Prevention Day) विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के दिन लोगों में मानसिक स्वास्थ के प्रति जागरुकता फैलाने और आत्महत्या के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए इस दिन को मनाया जाता है।

19 सितम्बर विश्व मैरो दिवस (World Marrow Donor Day) बोर्न मैरो बीमारी पूरा विश्व जूझ रहा हैं। इस दिन को वैश्विक स्तर पर उन सभी डोनर को धन्यवाद देना है, जिन्होंने बोन मैरो मरीजों की मदद किया है तथा उन्हें अपना बल्ड देके सहयोग दिया है।

21 सितम्बर विश्व अल्जाइमर दिवस (World Alzheimer’s Day) यह बीमारी एक उम्र के बाद तथा खास कर के बुजुर्गों में होने लगती है, जिसकी वजह से लोग चीजों को याद नहीं रख पाते हैं।

25 सितम्बर विश्व फार्मासिस्ट दिवस (World Pharmacist Day) इस दिन का उद्देश्य फार्मेसियों पर ध्यान आकर्षित करना है।

28 सितम्बर विश्व रेबीज दिवस (World Rabies Day) रेबीज की रोकथाम के बारे में जागरूकता बढ़ाना है तथा इस घातक स्थिति के बारे में लोगो मे जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है। यह वायरस संक्रमित जानवरों के काटने से फैलता है।

28 सितम्बर विश्व हृदय दिवस (World Heart Day) भारत में इस बीमारी से लोग अधिक जूझ रहे हैं अपना और परिवार का नियमित जाँच अवश्य करवाये।

21 से 27 सितम्बर विश्व मूक बधिर दिवस (World Day of Deaf) हर वर्ष 26 सितम्बर को विश्व मूक बधिर दिवस मनाया जाता है, लेकिन वर्तमान में यह विश्व मूक बधिर सप्ताह के रूप में अधिक जाना जाता है।

टिप्स (Tips)


• घी - तेल वाले गर्म भोजन करना चाहिए।
• सेब खाना चाहिए शरीर के लिए अच्छा होता है।
• मीठी और कड़वी चीजे खाने में ज्यादा शामिल करें।
• खाने में जड़ वाली सब्जियों को अधिक खाये।
• आसानी से पच जाने तथा हल्की खाना खाएं।
राजमा, चना आदि न खाएं जिन्हें आसानी से न पचाया जा सकें।
• ठंडी, सूखी तथा तीखे चीजों से परहेज रखें। क्योंकि इनसे पित्त बढ़ता है।
• धूप में अधिक समय तक न रहें।
• दिन में सोने से बचें।

Note:-

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