World heart day 2023 : हृदय शरीर का सबसे अहम अंग है। समय के साथ बदलती जीवनशैली का सबसे ज्यादा असर किसी अंग पर पड़ा है तो वह हृदय है। इसी वजह से आज हृदय की देखभाल करने को लेकर विशेष जोर दिया जा रहा है। कॉर्डियो वस्कुलर डिजीज यानी हृदय रोग हमारे भारत में मृत्यु दर का एक प्रमुख कारण है। आनुवंशिक संरचना के कारण भारतीयों में हृदय रोग का खतरा अधिक है। इसके कुछ मुख्य कारण जैसे, लगातार जीवनशैली में हो रहा बदलाव है जिससे लोग गुजर रहे हैं।
इन बदलावों में अनियमित दिनचर्या, तनाव, खान-पान में लापरवाही, शारिरिक गतिविधियों का न होना, खराब आहार व्यवस्था, पर्यावरण प्रदूषण, चीनी और नमक का अधिक सेवन और ट्रांस फैट की उच्च मात्रा जैसी कई अन्य कारणों से वर्तमान समय में हृदय संबंधी समस्याएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। इससे न केवल बड़े उम्र या बुजुर्गों में, बल्कि छोटे बड़े बच्चों में भी हृदय रोग की समस्याएं बढ़ी है। पूरे दुनियाभर में हृदय के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा हृदय संबंधी समस्याओं से बचने के उपायों के बारे में बताने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस (world heart day in hindi) मनाया जाता है।
कोविड-19 और लॉकडाउन का असर (Covid-19 and Lockdown effect)
डॉक्टरों की माने तो कोरोना महामारी के वजह से दिल की बीमारी लोगों को ज्यादा नुकसान पंहुचा रही है, क्योंकि कोविड-19 के डर से मरीज अपने घर में रहने को मजबूर थे और वो रेगुलर चेकअप के लिए जा नही पा रहें थे।लॉकडाउन के दौरान लोग तरह-तरह के खाना खाने में दिलचस्पी ले रहे थे। जिसकी वजह से, उनका वजन भी बढ़ा और गलत खानपान, हर वक्त तनाव में रहना, समय पर व्यायाम ना करने से बीमारी का ख़तरा भी बढ़ा, इसी लिए हृदयरोग की गंभीरता को समझते हुए ऐसे आहारों को चुने जो आपके दिल के साथ-साथ पूरे शरीर के लिए सही हो।
अब अनलॉक शुरू हो गई है, डॉक्टरों का कहना है कि अब लोगों को कम से कम आधे घंटे तक व्यायाम करना चाहिए, थोड़ा बाहर घूमना चाहिए लेकिन कोविड से बचने के उपाय के साथ।
क्यों? 29 सितंबर को मनाते है विश्व हृदय दिवस (Why? September 29 celebrates World Heart Day)
विश्व हृदय दिवस मनाने की शुरुआत साल 2000 में की गई थी। उस समय तय किया गया था कि हर साल सितंबर के आखिरी रविवार को विश्व हृदय दिवस मनाया जाएगा। लेकिन 2014 में एक निश्चित तारीख निर्धारित कर दी गई तभी से हर साल 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस मनाया जाने लगा। वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन ने World Heart Day की शुरुआत की थी। उद्देश्य यही था कि हृदय से जुड़ी सभी बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करना। दुनियाभर में बीमारियों से होनेवाली मौतों की एक अहम वजह हृदय रोग भी है, इसलिए इसके प्रति लोगों के बीच जागरूकता होनी जरूरी है। यदि लोग अपने हृदय को जानेंगे और उसकी सेहत का ख्याल रखेंगे तो इस मृत्यु दर को कम किया जा सकेगा।
हृदय रोग क्या है? (What is Heart Disease?)
"हृदय रोग" को चिकित्सीय भाषा में "कार्डियोवास्कुलर रोग" कहा जाता है। कार्डियोवास्कुलर रोग उन स्थिति को दर्शाता है, जिनमें रक्त वाहिकाओं के संकुचित या अवरुद्ध होने की वजह से दिल का दौरा पड़ने, स्ट्रोक आने का खतरा रहता है। हृदय की अन्य स्थितियों में आपके दिल की मांसपेशियों, वाल्व या हृदय के धड़कनों का प्रभावित होना भी हृदय रोग का रूप माना जाता है। यदि कोई व्यक्ति इन में से किसी भी बीमारी से पीड़ित होता है, तो उसे दिल का मरीज माना जाता है।
हृदय रोग के प्रकार (Types of Heart Disease)
कुछ महत्वपूर्ण रोग-
• कोरोनरी आर्टरी डिजीज (Coronary Artery Disease)
• दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ना
• एनजाइना (Angina)
• दिल का खराब (Heart Failure) होना
• दिल की धड़कनों का अनियमित रूप से चलना (Arrhythmia)
हृदय रोग के लक्षण (Heart Disease Symptoms)
निम्नलिखित में से सब या एक या एक से अधिक लक्षण होते हैं -
• सीने में बेचैनी होना- यह ह्रदय रोग का सामान्य लक्षण है, जो अधिकांश लोगें में देखने को मिलती है।
• जी मचलाना, बदहजमी या पेट में दर्द होना
• बांह में दर्द होना
• चिंता होना।
• पसीना आना।
• सांस लेने में तकलीफ होना।
• थकान और कमजोरी।
हृदय रोग के कारण (Heart Disease Causes in hindi & Risk Factors)
हृदय रोग के जोखिम के लिए निम्नलिखित कारण हैं -
• उच्च रक्तचाप- जिसे उच्च रक्तचाप की समस्या होती है, उसे दिल की बीमारी हो सकती है।
• उम्र - उम्र बढ़ने के साथ धमनिया संकुचित होने लगती है और हृदय की मासपेशियां कमजोर हो जाती हैं।
• ध्रूमपान करना- अगर आप ध्रूमपान करते हैं, तो दिल की बीमारी आपको हो सकती है।
• डायबिटीज का होना- डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति को ह्रदय रोग होने की संभावना अधिक होती है।
• हाई कोलेस्ट्रॉल- कोलेस्ट्रॉल के उच्च स्तर से एथेरोस्क्लेरोसिस का खतरा बढ़ सकता है।
• अधिक वजन होना- अधिक वजन वाले व्यक्ति को दिल की बीमारी हो सकती है।
• तनाव का होना- अधिक मात्रा में तनाव लेने से दिल की बीमारी हो सकता है। इसी कारण तनाव से बचना चाहिए।
• स्वच्छता न रखना- नियमित रूप से हाथ न धोने और अस्वच्छ आदतों से वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण होते हैं, जिससे दिल के संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
हृदय रोग से बचाव (Prevention of Heart Disease in hindi)
कुछ हृदय के रोगों को रोका नहीं जा सकता। जबकि, कई अन्य प्रकार के हृदय रोगों को जीवन शैली में परिवर्तन ला के रोका जा सकता हैं जैसे -
• धूम्रपान छोड़ें के।
• स्वास्थ्य स्थितियों को नियंत्रित करके, जैसे- हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल और शुगर।
• कम से कम 30 मिनट का व्यायाम करें।
• योग और ध्यान भी कर सकते हैं।
• खाने में नमक और फैट कम हो।
• स्वस्थ वजन बनाए रखें।
• तनाव को कम करें।
• स्वच्छता का भी ध्यान रखें।
हृदय रोग का परिक्षण - (Diagnosis of Heart Disease in hindi)
हृदय रोग का पता लगाने के लिए जिन परीक्षणों की आवश्यकता होगी निम्नलिखित है-
• इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ईसीजी)
• हॉलटर मॉनिटरिंग (Holter monitoring)
• इकोकार्डियोग्राम (Echocardiogram)
• स्ट्रेस टेस्ट
• कार्डिएक कैथेराइज़ेशन (Cardiac catheterization)
• कार्डिएक सीटी स्कैन
• कार्डिएक एमआरआई
हृदय रोग का इलाज (Heart Disease Treatment in hindi)
ज्यादातर लोग इस बीमारी को लाइलाज बीमारी समझते हैं, इसी कारण वे निजात नहीं पा पाते हैं। इन तरीकों को अपनाया जाय तो शायद वे बेहतर ज़िदगी जी सकते है-
• व्यायाम करके।
• दवाई लेके।
• ईसीजी या ब्लड टेस्ट करा के।
• जीवन शैली में परिवर्तन करके।
• सर्जरी कराना से।
किस तरह का भोजन करना होना चाहिए? (Foods to Eat)
स्वस्थ्य भोेजन ह्रदय रोग के लिए महत्वपूर्ण है उन्हें जल्द ठीक होने के लिए-
• ह्रदय रोगी ऐसे तेल का सेवन करे जिसमें ओमेगा 3 हो, क्योंकि ये तेल कॉलेस्ट्रॉल को कम करने में मददगार होता हैं।
• ह्रदय रोग में ताज फल और हरी सब्जी खानी चाहिए। ये खतरे को कम करने में सहायक होते हैं।
• ऐसे अनाज, फल और सब्जियां का सेवन करना चाहिए जिसमें अधिक फाइबर हो, फाइबर लाभदायक होता है।
• ह्रदय रोग में नट्स और बीजो का सेवन करना चाहिए।
किस तरह का भोजन नहीं करना चाहिए? (Foods to Avoid)
ह्रदय रोग में किस तरह का भोजन करना चाहिए जानना जितना जरूरी है उतना ही जानना जरूरी है कि किस तरह का भोजन नहीं करना चाहिए-
• दिल के मरीज को फास्ट फूड नही खाना चाहिए क्योंकि इसमे ट्रांस फैट होते है जो नुकसान पहुंचा सकते है।
• ह्रदय रोगियो को डेयरी खाद्य उत्पादों का सेवन नहीं करना चाहिए।
• ह्रदय रोग में शराब नही पीना चाहिए।
• ह्रदय रोगियों को नमक और चीनी का सेवन कम करना चाहिए क्योंकि ज्यादा मात्रा में सेवन करना नुकसानदायक हो सकता है।
हृदय से जुड़े कुछ तथ्य (Some heart facts in hindi)
1. हमारा दिल दाएं या बाएं नहीं, बल्कि छाती के बिलकुल बीच में होता है।
2. अगर दिल को शरीर से अलग कर दिया जाए, यह तब भी धड़कता रहेगा, जब तक की इसे पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिलती रहेगी, क्योंकि इसका खुद का विद्युत आवेग होता है।
3. प्रेग्नेंसी के चार हफ्ते बाद बच्चे का दिल धड़कना शुरू हो जाता है।
4. पैदा हुए बच्चे के दिल की धड़कन सबसे तेज होती है, और बुढ़ापे में दिल की धड़कन सबसे कम होती है।
5. हमारा दिल एक मिनट में 72 बार, पूरे दिन में लगभग 1 लाख बार और पूरे जीवन में लगभग 2.5 अरब बार धड़कता है।
6. पुरुष और महिला दोनों में हार्टअटैक के लक्षण अलग-अलग होते हैं।
7. ऑक्टोपस के तीन दिल होता हैं।
कुछ बदलाव जो जरूरी है (Some changes that are necessary)
• रोजाना 30 मिनट व्यायाम और योग करें। जब तक पसीना न आ जाए।
• टहलना, साईकल चलना और लिफ्ट की जगह सीड़ियों का इस्तेमाल करना।
• हार्ट चेकअप करवाते रहना।
• जितना हो सके लो कोलेस्ट्रॉल फूड लेना।
• खाने में फल और सलाद को शामिल करना।
• शराब और सिगरेट का कम से कम इस्तेमाल करना।
• खानपान को लेकर सचेत रहना।
• वजन पर नजर रखना।
• तनाव को कंट्रोल में रखना।
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