Skip to main content
मई महीना जागरूकता - खाद्य पदार्थ, फल, सब्जियां, मौसम और रोग(May month awareness - Foods, fruits, vegetables, weather and diseases in Hindi)
May health awareness month 2023 : वसन्त के खत्म होते ही गर्मी का एहसास होने लगता है, ऐसे में मई महीने (may month health awareness) में तो गर्मी अपना रंग अच्छे से दिखाने लगती है। मई महीने में थोड़ी बारिश की भी सम्भावना रहती है। मौसम के बदलाव के वजह से बीमारियों का भी ख़तरा बढ़ जाती है। इसी लिए जरूरी है कि मह खुद को जागरूक रखे कि मई के महीने में क्या खाना चाहिए और क्या नही खाना चाहिए तथा किस तरह के बीमारियों को लेकर जागरूक रहना चाहिए।
ग्रीष्म ऋतु (Summer Season)
मई महीने से गर्मी का आगाज हो जाता है। गर्मी के मौसम के दौरान दिन बहुत बड़े तथा राते छोटी होने लगती है।तापमान बढ़ने के कारण इसका प्रभाव हमारे शरीर पर पड़ने लगता है और शरीर से पसीना आने लगते है। हमे इस मौसम में खुद को डिहाइड्रेशन से बचाना चाहिए। पानी का सेवन अधिक करना चाहिए तथा जलयुक्त फलों का भी सेवन करना चाहिए। गर्मी के मौसम में भूख कम लगती है ऐसे में मौसमी फल और सब्जियां खाना चाहिए जिसका का प्रभाव शरीर पर अनुकूल पड़ता है। खाने में जैसे - खरबूजा, तरबूज, टमाटर, आड़ू, अंगूर, आम, कीवी, मशरूम, बैंगन, मकई, खीरा, लोकी, शिमलामिर्च, कद्दू, हरी मटर, अजवाइन, करेला, खुबानी, केला इत्यादि खाना चाहिए।
◆मई महीने में मौसम (Weather in May month in Hindi):-
मई महीने में तापमान अधिक्तम 41℃ (104°F) तथा न्यूनतम 23℃ (73.4°F) तक पहुंच सकता है। मई के महीने में गर्मी बहुत अधिक रहती है। इसीलिए सुनिश्चित करें कि आप खुद को तेज धूप और गर्मी से बचाने के लिए खूब सारा पानी पीते रहना चाहिए।
◆मई महीने में खाद्य पदार्थ (Foods in May month in Hindi):-
क्या खाना चाहिए
मई महीने में बेल, बैंगन, परवल, तोरई, अदरक, करेला, मेथी, बथुआ, चौलाई तथा पालक, जौ, ज्वार, पुराना चावल तथा गेहूँ, मसूर दाल, चना, गाजर, लहसुन, प्याज, मूली, हल्दी, संतरा, शहतूत, पपीता तथा पेठा, मट्ठा, धनिया के दाने, जीरा, हींग, शहद खाना चाहिए।
क्या नही खाना चाहिए
मई महीने में तली-भुनी तथा अधिक तेल नही खाना चाहिए।आलू, भिंडी, नए अनाज तथा नया चावल, काला चना, तूबा, कमल ककड़ी, खिचड़ी, साबूदाना, अरवी, मछली, सेब, चुकंदर, काजू, ककड़ी, शरीफा, नारंगी, पिस्ता, अमरूद, क्रीम, पनीर, गाय का दूध तथा खोया, ठंडा पानी, ठंडे पदार्थ, मिठाइयां नही खाने चाहिए।
◆मई महीने में सब्जियां (May month indian seasonal Vegetables in Hindi):-
पालक (Spinach)
आयरन से भरपूर पालक स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। ये शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है, खून बढ़ाती है, हड्डी को मजबूत तथा आंखों की रोशनी बढ़ाती है।
ककड़ी (Cucumber)
ठंडी तासीर वाला ककड़ी जिसमे पानी भरपूर मात्रा में पायी जाती है, गर्मियों में ककड़ी खाने से प्यास कम लगती है। गर्मी के मौसम में ककड़ी खाने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है।
करेला (Bitter melon)
करेला कफ, कब्ज, गैस और पाचन संबंधी समस्याओं को ठीक रखता है। करेला खाने से पाचन ठीक रहता है और भूख खुलकर लगती है।
सेम (Bean)
सेम खाने से एनर्जी मिलती है। सेम में आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। सेम कब्ज, खून साफ करने तथा स्किन प्रॉब्लम को दूर करता है।
तोरई (Luffa acutangula)
तोरई इम्युनिटी बढ़ाने में फायदेमंद होती है। ये वजन कम करने, ब्लड शुगर को नियंत्रित करने, त्वचा सम्बंधित समस्याओं में कारगर साबित होती है।
गाजर (Carrot)
गाजर में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते है जो फ्री रेडिकल्स, मधुमेह, कैंसर, हृदय रोग के ख़तरे को कम करते हैं। गाजर इम्युनिटी बढ़ता है और पाचन को भी ठीक रखता है।
आलू (Potato)
आलू में पौष्टिक तत्व भरपूर होते है। इसमें मुख्य पौष्टिक तत्व स्टार्च होता है। आलू में उच्च जैविक मान वाले प्रोटीन होती है। आलू क्षारीय होता है, ये शरीर में क्षार की मात्रा बढ़ाने तथा उसे बराबर रखने में सहायता करता है।
शिमलामिर्च (Capsicum)
शिमला मिर्च में विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन के, फाइबर, कैरोटीनॉइड्स भरपूर मात्रा में होते हैं। शिमलामिर्च सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद है। ये कैंसर के ख़तरे को कम करता है।
◆मई महीने में फल (May month indian seasonal Fruits in Hindi):-
आम (Mango)
आम में प्रोटीन, विटामिन, खनिज पदार्थ तथा कार्बोहाइड्रेट पाये जाते हैं। आम पेट साफ, ह्रदय मजबूत तथा वीर्य की शुद्धि और वृद्धि करने में मदद करता है। यह आमाशय, यकृत, फेफड़ों के रोग, अल्सर आदि में लाभदायक होता है।
कच्चापपीता (Unripe Papaya)
पेट के रोग के लिए कच्चा पपीता बहुत फायदेमंद होता है। पपीता गैस, पेटदर्द और पाचन जैसी समस्याओं के रामबाण होता है। पपीता पाचन तंत्र को बेहतर रखता है।
जामुन (Java Plum)
जामुन सबसे ज्यादा मधुमेह रोगी के लिए फायदेमंद होता है। जामुन खाना पचाने, दांतों के लिए, आंखों के लिए, पेट के लिए, चेहरे के लिए तथा किडनी स्टोन के लिए फायदेमंद होता है।
लीची (Lychee)
लीची पाचन के लिए अच्छी होती है। इसका जूस पीने से बीमारियों से लड़ने के लिए ताकत मिलती है। लीची में विटामिन सी पाया जाता है जो एंटीऑक्सिडेंट का काम करता है। नियमित लीची खाने से कैंसर दूर होता है।
कटहल (Jackfruit)
यह स्वादिष्ट फल वजन बढ़ाने वाला, शक्तिवर्द्धक, देर से पचने वाला, स्पर्म को बढ़ाने वाला और कफपित्त कम करने में लाभदायक होता है। इसमें खूब सारा फाइबर पाया जाता है।
तरबूज (Watermelon)
तरबूज में 90 प्रतिशत पानी होता है, ये शरीर को हाइड्रेटेड रखता है तथा शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है। इसमें विटामिन A, विटामिन C, पोटेशियम, मैग्नीशियम, आयरन और एंटीऑक्सिडेंट्स पाये जाते हैं। ये पोषक तत्व दिल की बीमारी, कैंसर आदि जैसी बिमारियों से बचाते हैं।
खरबूज (Muskmelon)
पानी के कमी को खरबूजा पूर्ति करता है और इसमें पायी जाने वाले विटामिन और मिनरल्स शरीर में ऊर्जा बनाये रखने में मदद करते हैं। खरबूजा त्वचा तथा शरीर को हाइड्रेट रखता है तथा पेट के गर्मी को बढ़ने से रोकता है।
चेरी (Cherry)
चेरी एक सुपरफूड है इसमें विटामिन ए, विटामिन बी और विटामिन सी, बीटा कैरोटीन, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, आयरन, पोटेशियम, फॉस्फोरस भरपूर मात्रा में होते हैं। ये शरीर को स्वास्थ्य रखने तथा कई सारे रोगों से लड़ने में सहायता करते हैं।
◆मई महीने में रोग और जागरूकता (Diseases and May month Health awareness in hindi):-
इस महीने में गर्मी और तपन महसूस होने लगता है। ऐसे में सीधा धूप में जाने से बचना चाहिए क्योंकि धूप लगने से हिट स्ट्रोक (Hit Stroke) हो सकता है। गर्मी के वजह से गैस्ट्राइटिस (Gastritis) या फूड पॉइजनिंग (Food Poisoning) जैसी बीमारियों का डर बना रहता है।
हिट स्ट्रोक (Hit Stroke) तापमान जैसे बढ़ने लगता है, लू लगने या हिट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। हीट स्ट्रोक से शरीर में पानी की कमी हो जाती है, बेहोशी आने लगती है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए खुद को हाइड्रेट रखे और बाहर जाते समय शरीर को ढके रहे।
गैस्ट्राइटिस (Gastritis) यह एक आम समस्या है हर कोई इस बीमारी से पीड़ित हो जाता हैं। गैस्ट्राइटिस खराब जीवनशैली, असंतुलित भोजन, व्यायाम न करने जैसी कई कारणों से होती है।
फूड पॉइजनिंग (Food Poisoning) फूड प्वाईजनिंग दूषित खाने के पदार्थों के सेवन से होता है, जैसे- बासी खाना, या खुला रखा खाना इत्यादि। फूड प्वाईजनिंग गंदे हाथों से खाना खाने से भी हो जाता है।
5 मई विश्व अस्थमा दिवस (World Asthma Day) अस्थमा फेफड़ों की बीमारी है ये सांस की समस्याओं के कारण होता है। अस्थमा से भारत में 10 में से एक व्यक्ति प्रभावित है। अस्थमा एक अनुवांशिक बीमारी है। इस बीमारी में बचाव ही कारगर होता है।
8 मई विश्व थैलेसीमिया दिवस (World Thalassaemia Day) थैलेसीमिया आनुवांशिक रक्त की बीमारी है जो माता-पिता से बच्चों में आता है। थैलेसीमिया कई प्रकार का होता है और इसका इलाज इसके प्रकार पर निर्भर करता है। इस बीमारी से शरीर में हीमोग्लोबिन और लाल रक्त कोशिकाओं के बनने की क्षमता प्रभावित होती है।
16 मई राष्ट्रीय डेंगू दिवस (National Dengue Day) डेंगू का बुखार मच्छर से होती है जो फ्लू जैसी गंभीर बीमारी को जन्म दे सकती है। डेंगू के मच्छर सबसे ज्यादा जुलाई से अक्टूबर के बीच पनपते हैं क्योंकि मानसून के समय पानी इकठ्ठा होता है जो डेंगू के मच्छर पनपने का कारण बनता है।
30 मई मल्टीपल स्क्लेरोसिस दिवस (World Multiple Sclerosis Day) मल्टीपल स्क्लेरोसिस ब्रेन और स्पाइनल कॉर्ड की एक बीमारी है। इस बीमारी का अगर समय पर इलाज नहीं हुआ तो ये बीमारी किसी व्यक्ति का जीना मुश्किल कर देती है। क्योंकि इस बीमारी के वजह से पीड़ित अपना नित्यकर्म भी नही कर पाता है।
31 मई विश्व तंबाकू निषेध दिवस (World No Tobacco Day) विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस दिन लोगो को तंबाकू के सेवन से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक करने के लिए किया है। तंबाकू खाने से कई प्रकार के कैंसर की संभावनाएं बढ जाती है।
टिप्स (Tips)
• बाहर खाने पीने से बचना चाहिए।
• खाने के स्थान पर स्वच्छता रखनी चाहिए।
• पानी उबालकर पीना चाहिए।
• हीट स्ट्रोक या लू से बचने के लिए छाछ और लस्सी रोजाना पीना चाहिए।
• जब भी खाये हाथ जरूर धोकर खाये।
• धूप में निकले से पहले शरीर को ढक के निकले।
• शरीर मे पानी की कमी नही होने देना चाहिए।
• मौसमी फल और सब्जियों को खाना चाहिए।
• घर के आस पास पानी जमा नही होने देना चाहिए।
Note:-
यदि दी गयी जानकारी useful लगे तो इसे सबके साथ साझा करें क्योंकि अच्छी जानकारी सबके साथ बाटनी चाहिए, तो कृपया शेयर भी करें और हमारे काम को appreciate करें।
Letest updates के लिए हमें अपने E-mail id से subscribe जरूर करें और सभी social media platform पर follow जरुर करें।
"इस आर्टिकल को पढ़ने के लिए आपको धन्यवाद"
Popular posts from this blog
Comments
Post a Comment