April month health awareness in Hindi 2023 : अप्रेल में गर्मी बढ़ने लगती है, विशेष करके दोपहर में ऐसे में हमे अपने स्वास्थ्य को लेकर कोई भी लापरवाही नही करनी चाहिए। इन्ही सब बातो को ध्यान में रख कर आज हम अपने इस आर्टिकल के अप्रेल महीने में क्या खाना चाहिए, क्या नही खाना चाहिए तथा किन बीमारियों को लेकर कैसे जागरूक April month awareness 2023 रहना चाहिए इन सबके बारे में बात करेंगे।
वसंत ऋतु (Spring Season)
अप्रैल महीने में भी बसन्त का मौसम रहता है, बसन्त का मौसम बहुत ही खुशनुमा वातावरण वाला होता है।
◆अप्रैल महीने में मौसम (Weather in April month in Hindi):-
इस महीने में औसत तापमान 38.2 ° C (100.8 ° F) और 24.5 ° C (76.1 ° F) के बीच उतार-चढ़ाव भरा होता है। गर्मी और तेज किरणों की वजह से UV RAY का प्रभाव पड़ता है, इसलिए बाहर निकलने से पहले आपको नियमित रूप से सन क्रीम लगाने चाहिए, छाया में रहना चाहिए और खुद को हाइड्रेटेड रखने के लिए पानी पीते रहना चाहिए।
◆अप्रैल महीने में खाद्य पदार्थ (Foods in April month in Hindi):-
अप्रैल महीने में क्या खाना चाहिए और क्या नही खाना चाहिए-
खाएँ
इस महीने में छाछ, जौ, चना, ज्वार, गेहूँ, चावल, मूँग, अरहर, मसूर की दाल, बैंगन, मूली, गाजर, लहसुन, प्याज, करेला, तोरई, अदरक, केला, खीरा, संतरा, पपीता, शहतूत, हींग, मेथी, जीरा, हल्दी, आँवला, केकड़ा, मछली और झींगा खाना चाहिए।
न खाएँ
इन्हें खाने से बचें जैसे- गुड़, भिंडी, सेब, चुकन्दर, काजू, बड़ी मछ्ली तथा चिकनी पदार्थों, मसालेदार भोजन को खाने से बचना चाहिए। इस महीने में कफ बढ़ाने वाले पदार्थों को नही खाना चाहिए।
◆अप्रैल महीने में सब्जियां (April month indian seasonal Vegetables in Hindi):-
सब्जियां (Vegetables):-
मौसमी और हरी ताजा सब्जियों से हमें कार्बोहाइड्रेट, चर्बी, प्रोटीन, विटामिन तथा खनिज पदार्थ प्राप्त होते हैं, संतुलित आहार और अच्छे स्वास्थ्य के लिए सब्जियों का सेवन बहुत ही आवश्यक है। आइये जानते है कि अप्रैल महीने में कौन सी सब्जियां खानी चाहिए-
भिंडी (Ladyfinger)
भिंडी को अपने भोजन में प्रयोग करके कैंसर को भगाया जा सकता है। भिंडी आंतों में उपस्थित विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करती है, जिससे आंतें स्वस्थ रहती हैं और बेहतर तरीके से काम करती हैं।
ककड़ी (Cucumber)
ककड़ी की तासीर ठंडी होती है, इसलिए गर्मियों के महीनों में इसे खाने से उर्जा बनी रहती है। गर्मी में प्यास से बचने के लिए ककड़ी खाये क्योंकि ककड़ी में पानी की भरपूर मात्रा पाई जाती है।
करेला (Bitter melon)
करेले में फास्फोरस पर्याप्त मात्रा में होता है। करेला खाने से कफ, कब्ज और पाचन क्रिया संबंधी परेशानियां नही होती है और इसे खाने से हमारा पाचन भी ठीक रहता है क्योंकि इसमें फास्फोरस पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है।
सेम (Bean)
सेम कब्ज, स्किन प्रॉब्लम्स, खून साफ करने में मदद करता है और सामान्य बुखार में सेम की पत्तियों का रस पीना फायदेमंद साबित होता है।
परवल (Pointed gourd)
परवल में एंटी-ऑक्सीडेंट होते है जो बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम करने में मदद करते है। सेम खाने से चेहरे की झांइया और बारीक रेखाओं को दूर किया जा सकता है। परवल इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाता है।
कुंदरू (Ivy gourd)
कुंदरू खाने से पाचन क्रिया बेहतर होती है क्योंकि इसमें फाइबर पाये जाते हैं।
कद्दू (Pumpkin)
कद्दू मधुमेह के रोगियों के लिए फायदेमंद होता है। कद्दू लंबे समय के बुखार, मूत्र सम्बन्धित बीमारी और पेट संबंधी गड़बड़ियों में लाभदायक होता है।
प्याज के पत्ते (Onion green leaf's)
प्याज के हरे पत्ते में बहुत ही कम मात्रा में कैलोरी होती है इसमें विटामिन A, विटामिन C और विटामिन B2 भरपूर मात्रा में पाया जाता हैं।
ब्रोकोली (Broccoli)
दिल से सम्बंधित बीमारियों में ब्रोकोली फायदेमंद होता है और ये दिल की धमनियों को स्वस्थ बनाए रखता है। प्याज के हरे पत्ते में मौजूद पोटैशियम कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ने नहीं देती है।
शिमलामिर्च (Capsicum)
शिमला मिर्च में एंटी ऑक्सीडेंट, एंटीइंफ्लेमेटरी तत्व एवं सल्फर, कैरोटीनॉइड लाइकोपीन भरपूर मात्रा में होती है, जिसके वजह से ये कैंसर जैसी बीमारीयो से बचने में भी फायदेमंद साबित होता है।
◆अप्रैल महीने में फल (April month indian seasonal Fruits in Hindi):-
फल (Fruits):-
फल स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी और फायदेमंद होते हैं। खासकर गर्मी जैसे मौसम में फलों और फलों के जूस का महत्व और बढ़ जाता है। आइये जानते है फलों के बारे में-
तरबूज (Watermelon)
तरबूज की तासीर ठंडी होती है जिसके वजह से ये दिमाग शांत रखता है। इसमे मौजूद लाइकोपिन त्वचा की चमक को बनाये रखता है। तरबूज हृदय सम्बंधित बीमारियों के लिए रामबाण साबित होता है।
कच्चेआम (Mango)
कच्चा आम खाने से पेट की समस्ये जैसे एसिडिटी को दूर रखता है और खाने को पचाने में मदद करता है। कच्चा आम खाने से ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहता है।
अंगूर (Grapes)
अंगूर में विटामिन सी पाई जाती है इससे इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद मिलती है। इसलिए मजबूत इम्यून सिस्टम के लिए अपने खाने में अंगूर का उपयोग करना चाहिए जिससे रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ती है और रोगों से लड़ने में हमारी मदद करती है।
नारंगी (Tangerine)
नारंगी में कार्बोहाइड्रेट, कैल्सियम, लौह, फास्फोरस, विटामिन सी, बी और ए भरपूर होती है। नारंगी खाने से शरीर में प्रतिरोधात्मक शक्ति बढ़ती है।
अनानास (Pineapple)
अनानास वजन घटाने के लिए अच्छा होता है। अनानास में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स गठिया, ह्रदय संबंधी रोग और कई तरह के कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में लाभदायक होता है।
केला (Banana)
केला में कार्बोहाइड्रेट भरपूर मात्रा में होता है। केला खाने से तुरंत एनर्जी मिलती है और पेट जल्दी भर जाता है। केला से खून में हीमोग्लोबिन बढ़ता है और केला हड्डियों के लिए भी फायदेमंद होता है।
खरबूजा (Muskmelon)
खरबूजा हमारे प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है। खरबूजे में विटामिन C अधिक पायी जाती है। खरबूजा इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता ही, साथ ही साथ बीमारियों से लड़ने में मदद भी करता है।
स्ट्रॉबेरी (Strawberries)
स्ट्रॉबेरी में भी विटामिन-सी भरपूर होता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करती है और हाई बीपी (उच्च रक्तचाप) के रोगियों में रक्त संचरण ठीक करने में मदद करती है।
कटहल (Jackfruit)
कटहल में कई तरह के पौष्टिक तत्व होते हैं जैसे- विटामिन A, विटामिन C, जिंक, थाइमिन, पोटैशियम, कैल्शियम, राइबोफ्लेविन और आयरन इत्यादि। कटहल में फाइबर भी भरपूर पाया जाता है। ये दिल के रोगी और ब्लड प्रेशर के रोगियों के लिए भी फायदेमंद होता है।
◆अप्रैल महीने में रोग और जागरूकता (Diseases and April month Health awareness in hindi):-
स्वास्थ्य का इस महीने (April health awareness) से बड़ा अच्छा सम्बंध है वो इस लिए कि इस महीने में हमे अपने घर की सफाई के साथ - साथ अपने शरीर की भी सफाई करनी चाहिए क्योंकि ये महीना बिल्कुल सही है वार्षिक स्वास्थ्य की जाँच (Annual Health Check up) कराने के लिए।
2 अप्रैल विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस (World Autism awareness Day) ऑटिज्म मस्तिष्क के विकास में बाधा डालने वाला विकार है। ऑटिज्म का रोगी बाहरी दुनिया से अनजान अपनी ही दुनिया में मस्त रहता है। विकास से संबंधी समस्याओं में बाधा पहुंचाने के कारणों में ऑटिज्म तीसरे स्थान पर है।
7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस (World Health Day)
मनाया जाता है। स्वास्थ्य के प्रति सबको जागरूक करना मुख्य उद्देश्य होता है। विश्व स्वास्थ्य दिवस पिछले 71 साल से मनाया जा रहा है। स्वास्थ्य को लेकर लोगो को सचेत रहना चाहिए चाहे वो अपनी हो या अपने परिवार की क्योंकि स्वास्थ्य ही हमारा मूल धन हैं।
17 अप्रैल विश्व हीमोफिलिया दिवस (World Haemophilia Day) हीमोफीलिया के बीमारी में शरीर के बाहर बहता हुआ खून जमता नहीं है। जिसके वजह से किसी चोट या दुर्घटना में ये जानलेवा साबित होती है क्योंकि खून न जमने के कारण खून का बहना बंद नही होता है। यह बीमारी खून में थ्राम्बोप्लास्टिन नाम के पदार्थ के कमी से होता है।
19 अप्रैल विश्व लिवर दिवस (World Liver Day) लिवर शरीर का सबसे अहम अंग है, ये पाचन में अहम भूमिका निभाता है। लिवर विषैले पदार्थों और गंदगी को बाहर निकालता है। लिवर केवल खून ही फिल्टर नहीं करता बल्कि हार्मोन भी प्रोड्यूस करता है और एनर्जी को भी स्टोर करता है।
22 अप्रैल विश्व पृथ्वी दिवस (World Earth Day) पूरे विश्व में पर्यावरण संरक्षण तथा पर्यावरण के प्रति जागरूकता के लिए ये दिन बनाया गया है लेकिन पर्यावरण के जागरूकता को लेकर हमे हर दिन सचेत रहना चाहिए।
25 अप्रैल विश्व मलेरिया दिवस (World Malaria Day) मलेरिया के रोकथाम, नियंत्रण के बारे में जागरूकता बढ़ाता है। मलेरिया एक जानलेवा बीमारी है ये प्लास्मोडियम परजीवी (Plasmodium Parasites) के कारण होता है।
टिप्स (Tips)
• बाहर जब भी निकले शरीर को ढके रहें।
• डिहाइड्रेशन और सन स्ट्रोक से बचने के लिए खूब सारा पानी पीते रहें।छाछ, लस्सी और निम्बू पानी का प्रयोग अधिक करें।
व्यायाम जरूर करें।
• मौसमी फल और सब्जियों का का ही उपयोग करें।
• अधिक तेल - मसाले तथा बाहर का खाने से बचें।
• सूर्य के uv किरणों से बचने के लिए सन क्रीम का उपयोग करें।
• वार्षिक स्वास्थ्य की जाँच जरूर करवाये।
• दोपहर में बाहर जाने से बचें।
Note:-
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"इस आर्टिकल को पढ़ने के लिए आपको धन्यवाद"
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