विश्व पानी दिवस 2023, पानी पीने के फायदे और कितना, कब, कैसे पीना चाहिए जाने | World Water Day 2023, How much water to drink, when and its benefits in Hindi

World water day in Hindi 2023 : हमारा शरीर लगभग 70 प्रतिशत पानी से बना है, और लगभग 71 प्रतिशत पृथ्वी की सतह पानी से ढकी हुई है। लेकिन हम बहुत कम पीने के पानी का उपयोग कर पाते है। पानी के संरक्षण को लेकर हर वर्ष 22 मार्च को विश्व जल दिवस (World Water Day 2023) के रूप में मनाया जाता है। इसके मनाये जाने का उद्देश्य लोगो को पानी के महत्व को बताना तथा उसे कैसे संरक्षित करना ये समझना। शायद यह पानी की सर्वव्यापी प्रकृति है जिसका मतलब ये है कि हमे सर दिन शुद्ध पानी पीने को मिल जाता है लेकिन अगर हम इसके शक्ति को न समझ पाये तो ये बहुत नुकसान दायक हो सकता है।



इस विश्व पानी दिवस को हम पानी के महत्व, पानी पीने के तरीके, उसके लाभ और सही समय की जानकारी लेकर मनाएंगे क्योंकि गलत तरीके, गलत समय और गलत मात्रा में पानी पीने से शरीर को नुकसान पहुंच सकता हैं। ये एक साधारण सी बात है पर कोई इसपर ध्यान नहीं देता हैं। तो आज हम पानी पीने का सही समय और सही तरीका क्या है हम उसके बारे में जानकारी देंगे ताकि आप बीमार होने से बच सकें।

विश्व जल दिवस का इतिहास और उसके महत्व (World Water Day History and Important)


पर्यावरण और विकास संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन ने 1992 में पीने के पानी को लेकर अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाने का फैसला किया और 22 मार्च 1993 को पहला विश्व जल दिवस मनाया गया। पृथ्वी पर 70% पानी मौजूद लेकिन शुद्ध पानी बहुत कम है। इसीलिए जल संरक्षण का उद्देश्य लेकर इस अभियान को शुरू किया गया है।

विश्व जल दिवस 2022 का थीम (World Water Day 2022 Theme)


विश्व जल दिवस 2022 का थीम ‘भूजल: अदृश्य को दृश्यमान बनाना (Groundwater: Making The Invisible Visible)’
है। 2021 में विश्व जल दिवस का थीम "पानी को महत्व देना (Valuing Water)" था। 

पानी पीने का सही तरीका है (Right way to drink water in Hindi):-


पानी तो हम सब पीते है पर क्या आपको पानी पीने का सही समय, सही तरीका और सही मात्रा के बारे में पूरी जानकारी है? अगर नहीं तो ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है, आइये जानते है इस ब्लॉग के माध्यम से-

बीमारियों का खतरा (Danger of diseases)


पेट में दर्द हो सकता है
• पाचन में दिक्कत हो सकती है
• डायबीटीज का ख़तरा
• ब्लड प्रेशर हो सकता है
• सिर में दर्द
• शरीर मे भारीपन
• किडनी की प्रॉब्लम और सुस्ती जैसी गम्भीर समस्याएं हो सकती हैं।

पानी पीने का सही समय है (Right time to drink water in hindi)


• सुबह उठने के तुरंत बाद 2 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए क्योंकि सुबह खाली पेट पानी पीना फायदेमंद होता है।
• सुबह पानी पीने से टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते हैं और शरीर की सफाई अच्छी तरह से हो जाती है।
• सुबह खाली पेट पानी पीने से कब्‍ज में राहत मिलती है।
• खाने के 30 मिनट पहले पानी जरूर पिये, इससे खाना आसानी से पच जाएगा है।
• खाने के साथ और खाने के तुरंत बाद पानी नही पीनी चाहिए।
• खाना खाने के आधे घंटे बाद ही पानी पीना सेहत के लिए फायदेमंद होता है।

कब पानी पीना है फायदेमंद (When to drink water is beneficial)


• स्नान करने के आधा घंटा पहले पानी जरूर पिये इससे ब्लड प्रेशर की समस्या नहीं होती है।
• सोने से पहले अगर पानी पिया जाए तो हार्ट अटैक का खतरा भी कम हो जाता है।
• जब भी घर से बाहर जाए पानी जरूर पीकर जाए।
• व्यायाम या शरीरिक श्रम करने के बाद भी पानी जरूर पिएं ताकि डिहाइड्रेशन की समस्या ना हो।

खड़े होकर पानी नहीं पीना चाहिए (Should not drink water to standing)


• आयुर्वेद में बैठकर पीना पीने को सही माना गया होता है।
• पानी खड़े होकर पीने से ये तेजी से पेट के निचले हिस्‍से में चला जाता है, और उससे मिलने वाले पोषण तत्व नही मिल पाते है।
• खड़े होकर पानी पीने से घुटनों में दर्द होने लगता है।
• पुरुषों में खड़े होकर पानी पीने से उनके अंड कोष में पानी भर जाता है।

पानी कैसे पिये (How to drink water in hindi)


• पानी को एक बार गट-गट करके पीने की बजाए घुट- घुट करके धीरे-धीरे पीना चाहिए।
• पानी को धीरे धीरे पीने से लार पानी के साथ पेट में चला जाता है जिससे पेट ठीक रहता है।
• पानी को धीरे-धीरे पीने से हमारा पाचन तंत्र मजबूत रहता है।
• पानी शरीर के तापमान से अधिक ठंडा नहीं होना चाहिए।
• फ्रिज का बहुत ठंडा पानी शरीर को नुकसान पहुंचाता है।

पानी पीने के फायदे है (Benefits of drinking water in Hindi):-


शरीर को ठीक से काम करने के लिए, हमारे शरीर के सभी कोशिकाओं तथा शरीर के अंगों को पानी की आवश्यकता होती है कि वह सही से अपना काम कर सके।

जोड़ों को लुब्रिकेट करता है (Lubricates the joints)


'कार्टिलेज' हमारे जोड़ों में पाया जाता है और रीढ़ की हड्डी में लगभग 80% पानी होता है। अधिक समय तक प्यासे या पानी न पीने से हमारे जोड़ों की अवशोषण क्षमता कम हो जाती है जिससे पूरे शरीर मे भयानक दर्द हो सकता है।

लार और श्लेष्म बनाता है (Forms saliva and mucus)


लार बनाने में पानी महत्वपूर्ण होता है क्योंकि लार खाने को पचाने में मदद करता है और मुंह, नाक और आंखों को भी नम रखने में मदद करता है। खाने के दौरान उसके घर्षण और उससे होने वाले नुकसान कम करता है।

पूरे शरीर में ऑक्सीजन प्रदान करता है (Delivers oxygen throughout the body)


रक्त का काम है पूरे शरीर मे ऑक्सीजन पहुचाना और हमारे रक्त में 90 प्रतिशत से अधिक पानी होता है।

त्वचा के स्वास्थ्य और सौंदर्य को बढ़ावा देता है (Boosts skin health and beauty)


पानी पीने से त्वचा निखरती है और समय से पहले होने वाली झुर्रियों को भी रोकती है और त्वचा में नमी बनाये रखती है।

मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी, और अन्य संवेदनशील ऊतकों को कुशन करता है (Cushions the brain, spinal cord, and other sensitive tissues)


निर्जलीकरण या कम पानी पीने से ये हमारे मस्तिष्क कार्य करने में बाधा उत्पन्न कर सकता है। अधिक समय तक ऐसा रहने से ये सोचने जैसी समस्या का जन्म दे देता है। निर्जलीकरण हार्मोन और न्यूरोट्रांसमीटर के उत्पादन में भी अवरोध पैदा कर सकता है।

शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है (Regulates body temperature)


पानी हमारे शरीर के ताप को भी नियंत्रित करता है। त्वचा के निचले हिस्से में पानी रहता है और जब हमारा शरीर गर्म होता है तो ये त्वचा के ऊपर आ जाता और वाष्प बन के हमारे शरीर को ठंडा कर देता है। शरीर में अगर पानी की कमी रहती है तो गर्मी के वजह से तनाव बढ़ जाता है।

पाचन तंत्र इस पर निर्भर करता है (The digestive system depends on it)


हमारे आत को ठीक से काम करने के लिए पानी की जरूरत होती है और अगर पानी नही है तो पाचन की समस्या, कब्ज, और अधिक अम्ल बनने जैसी समस्याएं हो सकती है। इसके वजह से दिल और पेट के अल्सर जैसी बीमारियों का ख़तरा हो सकता है।

शरीर के अशुद्धियों को बाहर निकलता है (Flushes body waste)


पानी हमारे शरीर से पसीना, मूत्र और मल को निकलने के लिए आवश्यक होती है।

रक्तचाप को बनाए रखने में मदद करता है (Helps maintain blood pressure)


पानी की कमी से रक्त मोटा हो सकता है और रक्तचाप बढ़ सकता है।

खनिजों और पोषक तत्वों को सुलभ बनाता है (Makes minerals and nutrients accessible)


पानी शरीर में पोषण तत्व और खनिज को पूरे शरीर में पहुचाता है क्योंकि पोषण तत्व और खनिज पानी मे आसानी से घुल जाते हैं।

गुर्दे की क्षति को रोकता है (Prevents kidney damage)


शरीर में पर्याप्त मात्रा में पानी न होने से ये किडनी को प्रभावित करता है जिससे किडनी में पथरी और अन्य कई समस्याएं हो सकती है क्योंकि की किडनी हमारे शरीर की सभी तरल पदार्थों को नियंत्रित करती है।

वजन घटना (Weight loss)


सदा और शुद्ध पानी अगर पिया जाए तो ये वजह को बढ़ने से रोक सकती है जैसे खाने से 30 मिनट पहले पानी पीने से ये ओवर ईटिंग से बचा सकती है।

पानी के स्रोत (Sources of water)


हमारे प्रतिदिन के गतिविधियों जैसे, सांस लेने से, पसीने तथा पेशाब के माध्यम से पानी हमारे शरीर से निकल जाता है और इसे फिरसे शरीर में आपस ले आने की जरूरत होती है। पानी को हम तरल या खाने के पदार्थों के माध्यम से ले सकते हैं।

पानी के अच्छे स्रोत (Good Sources of water):-


पानी का मुख्य स्रोत जमीन से निकले वाला पानी ही है पर ऐसे फल और सब्जियों से भी ले सकते है जैसे- तरबूज, टमाटर, संतरा, नारियल पानी, फलो के रस और दूध इत्यादि।

पानी के खराब स्त्रोत (Bad Sources of water):-


पानी के कमी को पूरा करने का ख़राब माध्यम जैसे- शराब, कैफीन युक्त पेय पदार्थ, शीतल पेय, कॉफी, और बियर ये सब आदर्श माध्यम नहीं हैं क्योंकि उनमें बस कैलोरी होती है, जो आपको अनावश्यक मोटा कर सकती है।

कितना पानी पीना चाहिए (How much water should drink in Hindi)


शरीर और वातावरण के हिसाब से पानी की जरूरत सबकी अलग-अलग होती है। ये इस पर भी निर्भर करता है कि वो कितने सक्रिय हैं और उन्हें कितना पसीना आता हैं। विशेषज्ञों की माने तो पानी की कोई निश्चित मात्रा नहीं है कि हमेशा उतना ही पिया जाये लेकिन एक स्वस्थ शरीर के लिए पुरुषों को 3.7 लीटर और महिलाओं को 2.7 लीटर लगभग पीना चाहिए।

कई बार पानी पीना सबसे महत्वपूर्ण होता है जो इसमें शामिल हैं:-

कुछ अवस्थाओं या परिस्थितियों में शरीर को पानी की अधिक आवश्यकता होती है जैसे- जब बुखार हुआ हो, मौसम गर्म हो, दस्त और उल्टी हो, बहुत पसीना आता हो और आप अधिक सक्रिय रहते हो इत्यदि।

क्या हम पर्याप्त पानी पीते हैं? (Do we drink enough water? in Hindi)


पहला जवाब होगा कि नही हा बिल्कुल सही पढ़ा आपने बहुत कम लोग होंगे जो अपने प्रतिदिन के पानी पीने की आवश्यकता हो पूरा करते होंगे क्योंकि हम फल और सब्जियों, पेय पदार्थों का भी सेवन कर लेते हैं और कुछ पानी के आवश्यकतओं को पूरा कर लेते है। पानी की आवश्यकता को पानी के अलावा और तरल पदार्थों से भी पूरा किया जा सकता है लेकिन वो तरल पदार्थ ना तो कैलोरी मुक्त, न तो कैफीन मुक्त, और न ही अल्कोहल मुक्त होंगे। इसी लिए अपको अपने पूरे दिन पिये जाने वाले लगभग 8-10 गिलास पानी पीने की आवश्यकता को पूरा करना चाहिए।

आपको प्रत्येक दिन पर्याप्त पानी पीना चाहिए चाहे वो 8 गिलास हो या इससे ज्यादा पर पानी पीते रहना चाहिए। पानी हमारे पूरे स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छी चीज है। अत्यधिक ठंडा पानी पीना नुकसानदेह हो सकता है इसीलिए सामान्य पानी ही पिये।

Disclaimer:-

इस आर्टिकल में लिखी गयी बात मात्र जानकारी और जागरूकता के लिए है, किसी भी परिस्थिति या किसी भी चीज को आजमाने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले।

Note:-

यदि दी गयी जानकारी useful लगे तो इसे सबके साथ साझा करें क्योंकि अच्छी जानकारी सबके साथ बाटनी चाहिए, तो कृपया शेयर भी करें और हमारे काम को appreciate करें।
Letest updates के लिए हमें अपने E-mail id से subscribe जरूर करें और सभी social media platform पर follow जरुर करें।

"हमारे इस आर्टिकल को पढ़ने के लिए आपको धन्यवाद।"

Health और Fitness सम्बन्धित जानकारी के लिए हमारे वेबसाइट Madness For Wellness पर आते रहिये।

इन्हें भी पढ़े-

2022 हेल्‍थ कैलेंडर जागरूकता | 2022 Health Awareness Calendar in Hindi | Seasonal Diseases in India
पोषण किसे कहते है इसके प्रकार | पोषण व पोषक तत्व क्या है? | What is nutrition in Hindi | What is Nutrients in Hindi
किस मौसम या ऋतु में क्या खाना चाहिए और क्या नही? | किस माह में क्या खाना चाहिए क्या नहीं खाना चाहिए? | Seasonal Food Eating in hindi | Eating according to ayurveda in hindi
भारतीय मौसमी फल और सब्जियां | Seasonal Fruits and Vegetables in Hindi

Comments