'विश्व टीबी दिवस 2023' | World TB Day 2023 in Hindi | टीबी होने का कारण, लक्षण, परहेज और उपचार हिंदी में

World TB 2023 : हर वर्ष 24 मार्च को पूरे विश्व मे टीबी या क्षय रोग के प्रति जागरूकता फैलाया जाता है जिसे हम 'विश्व टीबी दिवस' (World Tuberculosis Day 2023) के रूप में मनाते है। टीबी संक्रामण से फैलने वाली बीमारी है, जो ट्यूबरक्‍युलोसिस बैक्टीरिया नामक बैक्टीरिया के कारण होती है। ये सबसे अधिक फेफड़े को प्रभावित करती है और कभी-कभी ब्रेन, यूटरस, मुंह, लिवर, किडनी, गले आदि में भी होने की सम्भावना होती है। भारत में टीबी के बीमारी से मरने वालों की सँख्या अभी बहुत अधिक है, पूरे विश्व में भारत टीबी के बीमारी से मरने के मामले में दूसरे नम्बर पर है।



टीबी बहुत खतरनाक बीमारी है ये जिस जगह पर हो जाती है उस जगह को खोखला कर देती है। फेफड़े की टीबी एक इंसान से दूसरे इंसान में फैल सकती है जब वो खासे या छीके क्योंकि उस दौरान मुह से निकलने वाली पानी के बूंदे हवा के माध्यम में फैल जाती है और संक्रमण फैला देती है इसके अलावा कोई और टीबी की बीमारी छुआ छूत से नही फैलती है।

इस वर्ष की थीम (Theme of this year)

'विश्व टीबी दिवस 2022' (World TB Day 2022 Theme) को मानने के लिए हर वर्ष कुछ न कुछ थीम होती है। इस साल ‘इनवेस्ट टू एंड टीबी. सेव लाइव्स’ 'Invest to End TB. Save Lives' ये थीम है। पिछले साल 'द क्लॉक इज़ टिककिंग' ‘The Clock is Tickingथीम रखा गया था।

विश्व टीबी दिवस का इतिहास (History of World TB Day in Hindi)


24 मार्च 1882 में डॉ. रॉबर्ट कोच द्वारा टीबी रोग होने वाले जीवाणु की खोज की गयी थी। इसी लिए इस बीमारी से लोगो को बचाने तथा जागरूकता के लिए इस दिन को चुना गया है।

टीबी रोग क्या है? (What is TB Disease? in Hindi)


टीबी को ट्यूबरक्लोसिस नाम से भी जानते है ये माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस (Mycobacterium tuberculosis) नाम के बैक्टीरिया से फैलती है। ये बीमारी फेफड़े में अधिक होती है इसके अलावा ये दिमाग, यूटरस, हड्डी व जोड़ो में, लिम्फ ग्लैंड्स, आंत, गुप्तांग, त्वचा में और मस्तिष्क के ऊपर के परत आदि में भी हो सकती है। टीबी के बैक्टीरिया शरीर के उस जगह पर बढ़ता है जहाँ पर खून और ऑक्सीजन होता है, इसलिए टी. बी. सबसे ज्यादा फेफड़ों में ही होता है। इस बीमारी का पता चलते ही इसे शुरूआती अवस्था में ही रोक देना चाहिए नही तो ये जानलेवा साबित हो सकता है।

टीबी रोग के प्रकार (Types of TB Disease in Hindi)


टीबी रोग के कुछ प्रमुख प्रकार ये है-

लेटेंट टीबी (Latent TB)


इस प्रकार के टीबी के बीमारी में कोई लक्षण दिखाई नहीं देती है क्योंकि ये बैक्टीरिया हमारे शरीर में निष्क्रिय अवस्था में रहता है और शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली इसे फैलने नही देती है लेकिन एक अवस्था के बाद ये बीमारी सक्रिय होकर फैल जाती है।

एक्टिव टीबी (Active TB)


इस बैक्टीरिया से फैलने वाली टीबी के लक्षण आसानी से दिखाई देते है क्योंकि ये बैक्टिरिया हमारे शरीर के अन्दर ही विकसित होती है। इस बैक्टिरिया से संक्रमित व्यक्ति से ये बीमारी दूसरे स्वस्थ व्यक्ति में भी फैल सकती है।

टीबी रोग के लक्षण (TB Disease Symptoms in Hindi)


ये कुछ सामान्य लक्षण है जो दिखाई देते है :-

• बिना किसी मेहनत के थकान महसूस होना
• खाँसी आना तथा बलगम के साथ खून आना
• हल्का-हल्का बुखार रहना
• बेवजह रात में पसीना आना
• साँस लेते वक्त छाती में दर्द होना
• हर समय साँस फूलना
• भूख न लगना
• वजन का घटते रहना
• मांसपेशियों तथा हड्डियों में दर्द होना
• पेट में दर्द रहना
• दस्त तथा पेट फूलना

टीबी रोग होने का कारण (TB Disease Causes in Hindi)


टीबी का रोग होने के कुछ समान्य कारण है :-

• टीबी रोग माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस (Mycobacterium tuberculosis) नाम के बैक्टीरिया के कारण होता है।
• ये बैक्टीरिया टीबी के संक्रमित रोगियों से इधर-उधर फैल जाते है और अगर कोई स्वस्थ व्यक्ति इनके सम्पर्क में आजाये तो उन्हें भी हो जाता है।
• टीबी रोगियों द्वारा इधर-उधर थूकने, खाँसने, छींकने तथा उनके किसी चीजो का उपयोग करने से भी ये बीमारी फैल जाती है।
• अधिक शराब तथा धूम्रपान करने से भी यह बीमारी फैलती है।
• पर्याप्त भोजन तथा पोषण युक्त भोजन न करने से ये हो सकती है।
• स्वच्छता की अगर कमी है तो भी ये बीमारी हो सकती है।

टीबी रोग कैसे बचें (TB Disease Precaution in Hindi)


टीबी के रोग से बचने के लिए कुछ उपाय जाने-

• अगर 2 हफ्ते से ज्यादा खांसी रहे तो डॉक्टर को तुरंत दिखाएं।
• अगर पॉज़िटिव हो तो दवा का पूरा कोर्स चलाये और बिना डॉक्टर से पूछे दवा बिल्कुल बन्द ना करें।
• खासते और छीकते समय रुमाल या नैपकिन पेपर का उपयोग करें और उपयोग करने के बाद कूड़ेदान ने डाल दें।
• सम्भव हो यो मास्क का उपयोग जरूर करें।
• रोगियों को हवादार तथा उजाले वाले कमरे में रखे और एसी का उपयोग न करें।
• रोगी को पौष्टिक आहार दे।
• व्यायाम या योग जरुर करे।
• नशीले पदार्थ जैसे- बीड़ी, सिगरेट, हुक्का, तंबाकू, शराब का परहेज करें।

टीबी रोग के कारण होने वाली दूसरी बीमारियां (Disease Due to TB disease in Hindi)


अगर किसी को टीबी रोग है तो ये बीमारीया भी हो सकती है-

• शरीर में दर्द तथा पीठ का दर्द हो सकता है।
• दिमागी बुखार हो सकती है।
• लिवर और किडनी में रोग हो सकता है।
• ह्रदय रोग का ख़तरा भी हो सकता है।

टीबी रोगियों का खान-पान (Diet in Tuberculosis Disease in Hindi)


टीबी के रोगियों का विशेष खाने पीने का ध्यान रखना चाहिए-

• खिचड़ी खाना चाहिए।
• दूध और पनीर खाना चाहिए।
मौसमी ताजे फल एवं सब्जिया खानी चाहिए।
• अंकुरित या साबुत अनाज खाना चाहिए।
• रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली चीजो का अधिक उपयोग करना चाहिए।

टीबी रोग का जीवनशैली कैसा हो ( Lifestyle of TB Disease in Hindi)


• उनको ज्यादा मेहनत वाला काम नही करने देना चाहिए।
• उन्हें अधिक से अधिक आराम करने देना चाहिए।
• लोगो के बीच में खांसने या छींकने से बचना चाहिए।
• दवा छोड़ने नही देना चाहिए।
• रूटीन चेकउप के लिए डॉक्टर से मिलाते रहना चाहिए।

टीबी रोगियों को परहेज कराये (Avoid These in TB Disease in Hindi)


टीबी के रोगियों को इन चीजों का परहेज करना चाहिए-

• टीबी के रोगियों को ज्यादा तला भुना या अधिक मसाले वाले खाने से बचना चाहिए।
• खाने में ऐसे तेल का उपयोग करना चाहिए जिसमें ट्रांस फैट (Trans fat) न हो।
• चाय और कॉफी पीने से बचना चाहिए इसकी जगह पर ग्रीन टी पिला सकते है।
• धूम्रपान और शराब का सेवन निषेध होना चाहिए।

टीबी रोग का उपचार (Treatment of TB Disease in Hindi)


इन उपचारों को अपनाया जा सकता है-

• उनके थूक और बलगम की जाँच करा के।
• रोगी के सीने का एक्स-रे करवाके।
• दवाओं को बिना नागा किये पूरा कॉर्स करवाके।
• खाने में पौष्टिक आहार का ही सेवन करवाये।
• नशा आदि से बचाये।
• बच्चों को बचपन में ही बी. सी. जी. का टीका लगवाकर।
• रोगी के परिवार के सदस्यों को डॉक्टर द्वारा दिये गए परिवार नियोजन दवा का उपयोग करवाकर।

मौसम स्वस्थ जागरूकता

टीबी की बीमारी एड्स के बाद सबसे बड़ी जानलेवा बीमारीयों में से एक है। अगर टीबी का इलाज बीच में ही छोड़ दिया जाए तो ये और ज्यादा खतरनाक हो सकता है। इसीलिए इनके रोगियों को पूरा इलाज करवाना चाहिए। सरकारी अस्पतालों या सामुदायिक डॉट्स केंद्रों पर टीबी दवाएं मुफ्त में मिलती है। इस रोग से ग्रसित अपने जानने वालों की मदद जरूर करें।

Disclaimer:-

इस आर्टिकल में बताई गई जानकारी मात्र 'विश्व टीबी दिवस' के प्रति जागरूकता के लिए है। इस बीमारी से ग्रसित अथवा किसी भी तरह के समस्या के लिए अपने डॉक्टर से सलाह मशवरा जरूर कर लेना चाहिए।

Note:-

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