New Year Health Awareness in Hindi 2023 : नया साल शुरू हो चुका है, हर कोई अपना कोई न कोई resolution जरूर बनाया होगा कि इस साल मुझे इतना पैसा कमाना है, मुझे अपना target पूरा करना, अपने नये goals पे काम करना है, बहुत से लोग अपने health & fitness को लेकर खुद से वादा भी किये होंगे कि इस साल मुझे अपना हेल्थ ठीक करना है या मुझे अच्छी बॉडी बनानी है ऐसे ही नई opportunity को achieve करना है इसी तरह के बहुत लोग New Year Resolution लिये होंगे।
लेकिन क्या अपने ये सोचा कि हमे इन सारे achievement को पाने के लिए किस तरह के तैयारी की जरूरत है नही ना तो हम आपको बताते है वो
हेल्थ अवेर्नेस इन हिंदी को लेकर सतर्कता जी हाँ अगर हमारा स्वास्थ्य अच्छा रहेगा तो हम ज्यादा focus होके अपने goals पे काम कर पाएंगे।
हम ऐसे देश मे रहते है जहाँ हम 6 प्रकार के मौसम का आनंद ले पाते है जैसे -
1. वसंत ऋतु (Spring Season)
2. ग्रीष्म ऋतु (Summer Season)
3. वर्षा ऋतु (Rainy Season)
4. शरद ऋतु (Autumn Season)
5. हेंमत ऋतु (Hemat Season, Pre Winter Season)
6. शीत ऋतु (Winter Season)
पर 3 मौसम का प्रभाव हमारे शरीर और स्वास्थ्य पर अधिक पड़ता है वो है,
सर्दी, गर्मी और बरसात हमें इन मौसम में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए किस-किस बीमारियों से सतर्क रहना चाहिए और मौसम के मुताबिक अपने lifestyle में किस तरह के बदलाव लाना चाहिए इन बातों को जानना जरूरी होता है।
हमे अपने health awareness in hindi को लेकर हमेशा सतर्क रहना चाहिए और जागरूकता के लिए स्वास्थ्य सम्बंधित जानकारियां हासिल करते रहना चाहिए। जैसे कि किस मौसम, महीना, हफ्ता और दिन को बीमारियों को लेकर जागरूकता फैलाया जाता है। इस तरह की जानकारी हमें अपने स्वास्थ्य पे प्रति और सतर्क कर देती है तो आइये जानते है-
सर्दी (WINTER Season in hindi)
Seasonal health awareness in hindi सर्दि के मौसम में बीमारियां बहुत जल्दी और आसानी से जकड़ लेती हैं पर हमें सावधानी बरतने की जरूरत होती है क्योंकि अगर आपका
इम्यूनिटी (Immunity) कमजोर है तो बीमारियां आपको जल्दी ही घेर लेगी। ऐसे में आपको अपने स्वास्थ्य का विशेष रूप से ध्यान रखने की जरूरत होती है। सर्दियों के मौसम में तापमान कम होने की वजह से
त्वचा सफेद और इसमें रूखापन आ जाता है ऐसे में अपने त्वचा का विशेष रूप से ख्याल रखना चाहिए। इस मौसम में
पाचन शक्ति मजबूत होती है इसलिए सर्दी में लोग अधिक और आराम से भोजन कर पाते हैं।
जनवरी महीना (January Month) :-
नया साल जो नयी उम्मीद, नया संकल्प और नये वादों से इसकी सुरुआत होती है। इस कड़ाके की ठंड महीने में सर्द हवाओं और सर्द ओसो में कई तरह की बीमारियां भी फैली हुई होती है ऐसे में हमे अपने स्वस्थ के प्रति सचेत रहना चाहिए। हमे
सही खाना, व्यायाम, योग करना चाहिए तथा तनाव से बचना चाहिए। बूरी आदतों जैसे -
अधिक बाहर का खाना, धूम्रपान, शराब पीने की गलत आदतों को छोड़ना चहिये। ठंड से बचने के लिए खुद को गर्म रखे, घर के अंदर रहें। ठंड के मौसम में ज्यादा ठंडे पानी से नहाने से बचे, हो सके तो गुनगुने पानी का उपयोग नहाने और पीने दोनो में उपयोग करे। इस तरह के ठंडे माहौल में हमे प्यास कम ही लगती है लेकिन आपको पर्याप्त पानी पीते रहना चाहिए और खुद को
हाइड्रेटेड रखना चाहिए। इस महीने में आपको जिन बीमारियों से सतर्क रहना चाहिए वो है
सर्दी, गठिया, त्वचा के रोग (एक्जिमा और सोरायसिस), हृदय रोग और श्वसन सम्बन्धित रोग जो सर्दी के मौसम में अधिक प्रभावित करते हैं। अगर आपको पहले भी इस प्रकार की बीमारिया हो चुकी है तो ऐसे में आपको अपना अधिक ख्याल रखने की आवश्यकता होती है। डॉक्टर से मिलते रहे और उचित उपाय करते रहना चाहिए।
04 जनवरी अंतरराष्ट्रीय ब्रेल दिवस (World Braille Day)
30 जनवरी विश्व कुष्ठ दिवस (World Leprosy Day)फरवरी महीना (February Month) :-
फरवरी महीने में गुलाबी ठंड का एहसास होता है और ठंड हवाये धीरे-धीरे कम होने लगती है, ऐसे में हमे अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक ख्याल रखने की आवश्यकता होती है।
4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस (World Cancer Day) के रूप में मनाया जाता है। इस दिन लोगो को कैंसर के प्रति जागरूक किया जाता है। ये एक जानलेवा बीमारी है इसका मुख्य कारण अधिक धूम्रपान करना, शराब का सेवन करना, ज्यादा धूप के संपर्क में रहना, पौष्टिक आहार की कमी, शारिरिक श्रम या व्यायाम ना करना और अधिक वजन का होना जैसे कई कारण है। हर साल कैंसर से हजारो लोगो की मृत्यु हो जाती है। ऐसे में आपको हमेशा अपने डॉक्टर से checkup कराते रहना चाहिए उनसे अपने वर्तमान स्वास्थ्य के स्थिति के बारे मे जानते रहना चाहिए और उचित कदम उठाते रहना चाहिए।
गर्मी (SUMMER Season in hindi)
गर्मी का मौसम अपने साथ अनेको बीमारिया लेकर आती है जो कई बीमारियों को जन्म देती है ऐसे में जिन लोगो को गर्मी से परेशानी होती है उन्हें अपना विशेष ध्यान रखना चाहिए। गर्मी के मौसम में
सनस्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा अधिक रहता है। आपको अपने खान-पान का अधिक ध्यान रखने की जरूरत होती है। बाहर निकलने पर लू लगना comman होता है और
यूवी किरणों (UV Ray's) का प्रभाव त्वचा सम्बंधित बीमारियों को जन्म देती है। ऐसे में बाहर कम निकले और अपने शरीर को ढक कर रखे।
मार्च महीना (March Month) :-
इस महीने में गर्मी का एहसास धीरे-धीरे बढ़ने लगता है। पौधों में फूल लगने सुरु हो जाते है, ऐसे में फूलों से निकलने वाले पराग हवा में धुलने लगते हैं जिसके वजह से
एलर्जी (Allergy) बढ़ने लगती है। ये एलर्जी अस्थमा के रोगियों के लिए हानिकारक होता है खास कर बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है, इस तरह के प्रदूष्ण से
दमा के रोगियों में दमा का दौरा पड़ने का ख़तरा बढ़ जाता है। ऐसे में अधिक बाहर निकलने से बचना चाहिए।
मार्च के दूसरे गुरुवार को
‘वर्ल्ड किडनी डे' मनाया जाता है। इस साल
11 मार्च को विश्व किडनी दिवस (World Kidney Day) के रूप में मनाया जायेगा। हमारे भारत में हर साल दो लाख लोग किडनी रोग से प्रभावित होते है। इस बीमारी को शुरुआती चरण में पकड़ पाना मुश्किल होता है, क्योंकि दोनों किडनीयो के 60% खराब होने के बाद ही इसका पता चल पाता है। इस दिन को हमे अपने-अपने किडनीयो की जाँच करवा के ही मनाना चाहिए।
22 मार्च विश्व जल दिवस (World Water Day)24 मार्च को विश्व टीबी दिवस (World TB Day) होता है।
टीबी एक घातक संक्रामक की बीमारी है। ये बीमारी माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस जीवाणु
(Mycobacterium tuberculosis virus) के कारण होती है। भारत में आज भी टीबी के कारण हर 3 मिनट में 2 मौतें होती हैं। अगर विश्व स्वास्थ्य संगठन की माने तो पूरे विश्व भर में 2 अरब से ज्यादा लोग इस बीमारी से संक्रमित है। टीबी से संक्रमित मरीज दूसरे स्वस्थ व्यक्तियों को भी संक्रमित (Infect) कर सकता है। इसी लिए इस बीमारी के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है।
अप्रेल महीना (April Month) :-
स्वास्थ्य के नजरिये से ये महीना बहुत ही महत्वपूर्ण होता है, इस महीने में हमे अपने घर की सफाई करनी चाहिए उसके साथ ही साथ शरीर की भी ऐसा इस लिए की इस महीने में हमे अपनी वार्षिक स्वास्थ्य की जाँच (Annual Health Check up) करवानी चाहिए क्योंकि ये महीना बिल्कुल सही है ऐसा करने के लिए।
02 अप्रैल विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस (World Autism awareness Day)
07 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस (World Health Day) के रूप में मनाया जाता है। वैश्विक स्वास्थ्य और उससे जुड़ी समस्याओं के बारे में विचार-विमर्श करना ही इसका मुख्य उद्देश्य होता है। स्वास्थ्य संबंधी अफवाहों, मिथकों तथा लोगो को इसके बारे में जागरूक करना भी इसका उद्देश्य होता है। विश्व स्वास्थ्य दिवस को पिछले 71 साल से हर साल मनाया जाता है। इस दिन लोग को अपने तथा अपने परिवार के स्वास्थ्य के प्रति सचेत अथवा स्वास्थ्य कल्याण के रूप में चिन्हित करना चाहिए।
17 अप्रैल विश्व हीमोफिलिया दिवस (World Haemophilia Day)
19 अप्रैल विश्व लिवर दिवस (World Liver Day)
22 अप्रैल विश्व पृथ्वी दिवस (World Earth Day)
25 अप्रैल विश्व मलेरिया दिवस (World Malaria Day)
मई महीना (May Month) :-
मई के महीने में गर्मी का तपन धीरे-धीरे महसूस होने लगता है, हमे सीधे धूप के सम्पर्क में जाने से बचना चाहिए तथा अत्यधिक बाहर निकलने से भी बचना चाहिए। धूप लगने के वजह से हिट स्ट्रोक (Hit Stroke) का ख़तरा बढ़ जाता है साथ ही साथ गैस्ट्राइटिस (Gastritis) या फूड पॉइजनिंग (Food Poisoning) जैसी समस्याएं भी आम होती है। ऐसे में हमे बाहर खाने पीने से बचना चाहिए और अपने खाने के स्थान पर स्वच्छता रखनी चाहिए। अगर पानी को उबालकर पिया जाए तो ये फायदेमंद साबित होगा।
05 मई विश्व अस्थमा दिवस (World Asthma Day)
08 मई विश्व थैलेसीमिया दिवस (World Thalassaemia Day)
16 मई राष्ट्रीय डेंगू दिवस (National Dengue Day)
30 मई मल्टीपल स्क्लेरोसिस दिवस (World Multiple Sclerosis Day)
31 मई विश्व तंबाकू निषेध दिवस (World No Tobacco Day) के रूप में बनाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस दिन लोगो को तंबाकू के सेवन से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक करने के लिए किया है। क्योंकि तंबाकू खाने से कई प्रकार के कैंसर के होने की संभावनाएं बढ जाती है। इससे बचने के लिए तंबाकू का सेवन न करना ही एकमात्र प्रभावसाली उपाय है।
जून महीना (June Month) :-
गर्मी में वायरस (Virus) अधिक तेजी से बढ़ता है इसी लिए जून के महीने में वायरस के बढ़ने का ख़तरा अधिक होता है ऐसे में मूत्र मार्ग में संक्रमण, टाइफाइड और हैजा जैसी बीमारियां समान्यतः देखी जा सकती हैं। वायरल संक्रमण होना आम होता है ऐसे में बच्चों का विशेष रूप से ध्यान रखने की जरूरत होती है। खसरा और चिकन पॉक्स जैसे बीमारिया भी अपना प्रकोप फैलाये रहती है। इस तरह के बीमारियों से बचने के लिए टीकाकरण जरूर करवानी चाहिए।
01 जून विश्व चिकित्सक दिवस (World Doctors Day)
05 जून विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day)
11 जून विश्व जनसँख्या दिवस (World population day)
14 जून विश्व रक्तदाता दिवस (World Blood Donor Day)
21 जून को विश्व योग दिवस (World Yoga Day) के रूप में मनाया जाता है। पहली बार अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून, 2015 को विश्व भर में मनाया गया था।
बारिश का मौसम (RAINY SEASON in hindi)
चिलचिलाती धूप और गर्मी की वजह से हमे मानसून (Monsoon) का इंतजार बड़ी बेसब्री से होता है। बरसात होने के बाद गर्मी से राहत मिलती है लेकिन ये बरसात अपने साथ कई तरह की बीमारियों को भी लेकर आती है। ऐसे मौसम में पाचन क्रिया थोड़ी कमजोर होती है और भोजन से एलर्जी होना का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में बाहर का तला भुना खाना जोखिम को बढ़ा सकता है। बारिस के मौसम में आद्रता (Humidity) बढ़ जाती है जिसका असर हमारे पाचन क्रिया पर होता है विशेषज्ञों की माने तो हमे ऐसे मौसम में अधिक तल भुना या बाहर के नाश्ते खाने को मन करते हैं। अधिक तैलीय खाना खाने से पेट की बीमारियां बढ़ती है। हमे मानसून के मौसम में अपना विश्वास ख्याल रखना चाहिए।
जुलाई महीना (July Month) :-
जुलाई का महीना आते-आते मानसून पूरे देश मे फैल जाती है और बारिस होने की वजह से जगह-जगह पानी लग जाता है जिससे अनेको बीमारियां फैलती है जैसे-
मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, पीलिया, टाइफाइड, हेपेटाइटिस और गैस्ट्रोएंटेराइटिस। इस महीने में जल के संक्रमण से होने वाली बीमारियों का ख़तरा बढ़ जाते हैं। ऐसे में अपने आस-पास जल को संग्रहित न होने दे और खुद को मच्छरों से अवश्य बचाये। क्योंकि जहाँ पानी संग्रहित होता है वहाँ मच्छर पैदा होने लगते है। इस महीने में भी आपको बाहर खाने-पीने से बचना होगा।
28 जुलाई को विश्व हेपेटाइटिस दिवस (World Hepatitis Day) होता है। हेपेटाइटिस खतरनाक बीमारी है, इसके संक्रमण से लिवर में सूजन आ जाती है जिससे लिवर अपने काम से प्रभावित हो जाता है। यकृत भोजन को पचाने के साथ ही साथ खून को टॉक्सिन्स भी करता है, ये हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग होता है। हेपेटाइटिस के कुछ सामान्य लक्षण जैसे भूख कम लगना, बार-बार अपच, त्वचा और पेशाब के स्थान का फूलना, वजन कम होना और बुखार होना। अपने लिवर का टेस्ट जरूर करवाना चाहिए इस जागरूकता का उद्देश्य यही होता है।
अगस्त महीना (August Month) :-
बारिस का प्रभाव अगस्त के महीने पर भी रहता है ऐसे में हमे अभी भी
मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, पीलिया, टाइफाइड, हेपेटाइटिस और गैस्ट्रोएंटेराइटिस जैसे बीमारियों से सतर्क रहना चाहिए। अपने आस-पास सफाई रखनी चाहिए और उचित उद्देश्यों का पालन करना चाहिए। क्योंकि सावधानिया ही स्वास्थ्य को बचाता है।
01-07 अगस्त विश्व स्तनपान दिवस (World Breast Feeding Day)पतझड़ (AUTUMN Season in hindi)
शरद ऋतु में वातावरण बहुत ही शांत और सुंदर दिखता है जो मन को बहुत ही शांति प्रदान करता है। मौसम बदलने की वजह से कुछ लोगों को सर्दी-खांसी भी हो जाता है क्योंकि कभी हल्की-हल्की बारिश, तो कभी धूप और रात में थोड़ी ठंड होती है। लेकिन हमारा शरीर आने वाले मौसम के लिए खुद को तैयार करता है,
ठंड और फ्लू के खिलाफ अपने प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune system) को मजबूत करता है।
सिंतबर महीना (September Month) :-
सितम्बर महीने में नमी महसूस होता है धूप थोड़ी अधिक होती है जिसकी वजह से मौसम खुशनुमा लगता है। सितंबर महीने को
राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में मनाया जाता है।
01 से 07 सितम्बर न्यूट्रिशन वीक (Nutrition Week)
05 सितम्बर स्पाइनल कॉर्ड इंजरी दिवस (Spinal Cord Injury Day)
10 सितम्बर विश्व सुसाइड प्रिवेंशन दिवस (World Suicide Prevention Day) 19 सितम्बर विश्व मैरो दिवस (World Marrow Donor Day)
21 सितम्बर विश्व अल्जाइमर दिवस (World Alzheimer’s Day)
25 सितम्बर विश्व फार्मासिस्ट दिवस (World Pharmacist Day)
26 सितम्बर को विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस (World Environment Day) मनाया जाता है। इस दिन को पूरे विश्व में पर्यावरणीय स्वास्थ्य के प्रति महत्वपूर्ण कार्यों को करने के लिए मनाया जाता है।
21 से 27 सितम्बर विश्व मूक बधिर दिवस (World Day of Deaf)
28 सितम्बर विश्व रेबीज दिवस (World Rabies Day)
29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस (World Heart Day) के रूप पे मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को दिल से जुड़ी बीमारियों के प्रति जागरूक करना होता है। आज के जीवनशैली के वजह से चाहे वो छोटे उम्र के बच्चे हो या कोई बड़े बुजर्ग हर वर्ग के लोग हृदय रोग से पीड़ित हैं। हृदय रोग आज पूरे विश्व में एक गंभीर बीमारी के रूप में फैला हुआ है। इस बीमारी के प्रभाव से बचने के लिए हमे नियमित रूप से अपनी और अपने परिवार की जाँच करवानी चाहिए।
अक्टूबर महीना (October Month) :-
अक्टूबर के महीने में थोड़ा मौसमी बदलाव को देखा जाता है ये बदलाव हमें एलर्जी और वायरल फीवर का संकेत देता है। ऐसे में हमे डेंगू और मलेरिया जैसे बीमारियों से भी सतर्क रहना चाहिए।
अक्टूबर के महीने को स्तन कैंसर जागरूकता (Breast Cancer Awareness) रूप में भी जाना जाता है।
स्तन कैंसर का ख़तरा महिला और पुरुषों दोनों को होता है लेकिन महिलाओं में इसकी अधिक सम्भावना होती है। 40 वर्ष के ऊपर की महिलाओं को अपने ब्रेस की जाँच डॉक्टर से करवानी चाहिए जिससे कि इसका पता लगाया जा सके।अगर स्तन कैंसर का पता समय पे चल जाये तो इसका इलाज संभव होता है।
01 अक्टूबर विश्व शाकाहारी दिवस (World Vegetarian Day)
06 अक्टूबर सेरेब्रल पाल्सी दिवस (Cerebral Palsy Day)
08 अक्टूबर विश्व दृष्टि दिवस (World Sight Day)
10 अक्टूबर विश्व मानसिक दिवस (World Mental Health Day)
12 अक्टूबर विश्व गठिया दिवस (World Arthritis Day)
13 अक्टूबर थ्रोम्बोसिस दिवस (World Thrombosis Day)
15 अक्टूबर विश्व हस्त प्रक्षालन दिवस (Global Hand washing Day)
16 अक्टूबर विश्व खाद्य दिवस (World Food Day)
20 अक्टूबर ऑस्टियोपोरोसिस दिवस (World Osteoporosis Day) होता है। इस दिन का उद्देश्य लोगों को ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षण और उपचार के बारे में जागरूक करना होता है। ये बीमारी हड्डियो को कमजोर कर देती हैं जिससे फ्रैक्चर का ख़तरा अधिक बढ़ जाता है। उम्र बढ़ने की वजह से हड्डियाँ कमजोर होने लगती है विशेष कर महिलाओं में इसका ख़तरा अधिक रहता है। हड्डियों के घनत्व की जांच करवानी चाहिए जिससे हड्डियों के कमजोर होने का पता चल जाता है। घर के बुजुर्गों तथा 50 वर्ष के ऊपर वाले लोगो की जाँच जरूर करना चाहिए।
21 अक्टूबर विश्व आयोडीन डिफसिऐंसी दिवस (World Iodine Deficiency Day)
24 अक्टूबर विश्व पोलियो दिवस (World Polio Day)
29 विश्व स्ट्रोक दिवस (World Stroke Day)
नवम्बर महीना (November Month) :-
नवम्बर के महीने में हल्की-फुल्की ठंड शुरू हो जाती है सर्दी खाँसी और फ्लू की भी शुरुआत हो जाती है। क्योंकि हम कोरोना काल (Corona Time) को देख चुके हैं तो हमे अधिक सावधानी बरतें की आवश्यकता है। हम जब भी खांसे या छींके हमे नियमित रूप से अपने हाथो को धोते रहना चाहिए क्योंकि वायरस इधर-उधर आसानी से फैल सकते हैं।
10 नवंबर को विश्व टीकाकरण दिवस (World Immunization Day)
12 नवम्बर को विश्व निमोनिया दिवस (World Pneumonia Day)
14 नवंबर को विश्व मधुमेह दिवस (World Diabetes Day) होता है। मधुमेह की राजधानी के नाम से पूरे दुनिया में भारत को जाना जाता है। जो कि हमारे अनियमित दिनचर्या, व्यायाम न करना, बाहर के खानों का अधिक सेवन करना इत्यादि शामिल हैं। हमें अपनी नियमित रूप से ब्लड शुगर टेस्ट करवाते रहना चाहिए, चाहे वो छोटे हो या बड़े क्योंकि भारत मे मोटापे से पीड़ित बच्चों में भी शुगर के होने का ख़तरा देखा गया है।
17 नवम्बर को राष्ट्रीय एपिलेप्सी दिवस (National Epilepsy Day)18 नवम्बर विश्व सीओपीडी दिवस (World COPD Day)19 नवंबर को विश्व शौचालय दिवस (World Toilet Day)18 से 24 नवम्बर विश्व एंटीबायोटिक्स जागरूकता सप्ताह (World Antimicrobial Awareness Week)सर्दी (WINTER Season in hindi)
दिसम्बर महीना (December Month) :-
दिसम्बर के महीने में सर्दी अपने चरण सीमा पर रहती है ऐसे में बीमारियों का ख़तरा भी अधिक बढ़ जाता है।
फ्लू, सर्दी-खाँसी, निमोनिया, श्वसन संक्रमण रोग और गठिया वाद जैसी बीमारीया भी परेशान करना शुरू कर देती है।
1 दिसम्बर विश्व एड्स दिवस (World AIDS Day) होता है। एड्स एक लाइलाज बीमारी है जो इंसान को जीते-जी मरने पर मजबूर कर देती है। इस घातक बीमारी का कोई इलाज नहीं है लेकिन इस बीमारी से बचने के लिए इसका इलाज बस बचाव है। अगर सुरक्षित संभोग किया जाये तो एड्स होने के ख़तरे को 80% तक कम किया जा सकता है।
"स्वास्थ्य रहना कोई बड़ी बात नहीं है अगर हम खुद को मौसम के अनुसार ढाल ले और मोसमी बीमारियों से लड़ने के लिए खुद को तैयार कर ले। हम अगर मौसमी खाना और स्वस्थ्य भोजन करे तो किसी भी बीमारी के चपेट में आने से बच सकते हैं। हमे हर मौसम में अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक health calender in hindi 2022 रहना चाहिए और अपनी नियमित रूप से जाँच करवाते रहना चाहिए। बाहर का खाने से बचना चाहिए और घर का पोष्टिक आहार लेते रहना चाहिए।"
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"इस आर्टिकल को पढ़ने के लिए आपको धन्यवाद"
Graet job brother...
ReplyDelete♥️♥️
It's very helpful to everyone 😊
Thanks dear, please share with your family and friends 👍🙏
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