World Diabetes Day in hindi 2023 : डायबिटीज या मधुमेह यह एक बीमारी नही बल्कि ये 'स्वीटपॉइसिअन' की तरह है जो लोगो को धीरे धीरे मौत के तरफ ले जाती है। आज विश्व डायबिटीज दिवस पे हम इसके बारे में थोड़ा विस्तार और अलग नजरिये से देखेंगे कि ये हमारे जीवन में कैसे प्रभाव डालता है। आज भारत को पूरे विश्व में मधुमेह की राजधानी के रूप में देखा जाता है, ये बहुत दुःख की बात है कि यहा के लोगो की खान पान और दिनचर्या इतना खराब हो गया है कि ये बीमारी बड़ो को ही नही बल्कि नवयुवकों को भी नही छोड़ रही है। ये बीमारी धीरे धीरे अंदर से कमजोर कर देती है साथ ही साथ अनेको बीमारियों को भी जन्म देती है।
विश्व मधुमेह दिवस क्यों मनाया जाता है? (Why World Diabetes Day is celebrated?)
विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा मधुमेह दिवस पूरे विश्व मे इस लिए मनाया जाता है कि सबको मधुमेह के प्रति जागरूक किया जा सके और इसके करणो, लक्षणों के बारे मे सबको बताया जा सके। हर साल विश्व मधुमेह दिवस 14 नवम्बर को सर फ्रेडरिक बैंटिंग के जन्मदिवस पर मनाया जाता है, इन्होंने बेन्ट के साथ मिलकर सन 1921 में इन्सुलिन की खोज की थी। सर्व प्रथम विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अंतर्राष्ट्रीय मधुमेह संघ द्वारा सन 1991 में 14 नवम्बर को वर्ल्ड डायबिटीज डे इन हिंदी को मनाने का फैसला हुआ था।
मधुमेह (डायबिटीज) कैसे होता है ( How Diabetes effects)
मधुमेह हार्मोन्स के गड़बड़ी के कारण होता है, इस हार्मोन्स को इंसुलिन कहते है इसे पाचन ग्रन्थियों के द्वारा बनाया जाता है। इसका काम हमारे शरीर के भोजनो जो ऊर्जा में बदलना होगा है, ये शुगर की मात्रा को नियंत्रित करता है।लेकिन मधुमेह हो जाने पे इसे भोजन को ऊर्जा के रूप मे बदलने में परेशानी होती है। मधुमेह रोग वंशानुगत और जीवनशैली खराब होने के वजह से ज्यादा होती है। लेकिन इसके अलावा भी जिन लोगों की नींद अच्छे से पूरा नही होता है, जो लोग शारिरिक श्रम कम करते है, बाहर का खाना, अधिक मीठा खाना और अनियमित खाना पाने होने के वजह से भी मधुमेह (डियाबेटिस) का खतरा होता है।
मधुमेह (डायबिटीज) के प्रकार (Types of Diabetes)
मधुमेह मुख्यतः दो प्रकार के होते है-
1- टाइप 1 मधुमेह (Type 1 Diabetes):-
टाइप 1 मधुमेह के रोगियों के शरीर मे इन्सुलिन की मात्रा कम बनती है, इसको नियंत्रण किया जा सकता है पर खत्म नही किया जा सकता है। इन रोगियों को इन्सुलिन बाहर से दिया जाता है, जो लगभग पूरे जीवन चलता रहता है। टाइप 1 मधुमेह बच्चों से लेकर युवाओं को आसानी से हो जाता है। मेरे एक दोस्त को 20 साल के उम्र में ही मधुमेह हो गया था जो आज तक इन्सुलिन पे चलता है।
2- टाइप 2 मधुमेह (Type 2 Diabetes):-
टाइप 2 मधुमेह के रोगियो में इन्सुलिन की मात्रा कम होती है और ये उसको उपयोग भी पूरी तरह से नही कर पाते है। टाइप 2 मधुमेह में शरीर इन्सुलिन बनाता तो है, लेकिन कम मात्रा में और कई बार वो इन्सुलिन अच्छे से काम नहीं करता है। टाइप 2 मधुमेह रोगी को योग, परहेज तथा उचित खान-पान के ज़रिये नियंत्रित किया जा सकता हैं। यह डायाबिटिज वयस्कों को अधिक होती है।
मधुमेह (डायबिटीज) के लक्षण (Symptoms of Diabetes in hindi)
1- मधुमेह के रोगी को बार-बार पेशाब करना।
2- अधिक प्यास का लगना।
3- भोजन करने के थोड़े दे बाद ही भूख का लगना।
4- शारिरिक रूप से कमजोर या अधिक थका हुआ लगना।
5- वजन का तेजी से कम होना।
6- घाव, छाले या कट जल्दी ठीक न हो पाना।
7- किसी भी चीज से जल्दी इन्फेक्शन होना।
मधुमेह होने का कारण (Diabetes causes in hindi)
अगर हमे ये पता हो कि बीमारी किस कारण से होता है तो हम पहले से ही सावधानी बरत सकते है, आइये जानते है कि
डायबिटीज इन हिंदी होने का कारण क्या है-
• उच्च रक्त चाप का होना
• अनुवांशिक होना जैसे कि परिवार के किसी सदस्य को पहले हुआ हो
• इन्सुलिन की शरीर मे कमी होना
• उच्च कोलेस्ट्रॉल का होना
• सही खानपान ना होने के वजह से या बाहर का खाना ज्यादा खाते हो
• अधिक तनाव का होना
• शारीरिक गतिविधियों की कमी या व्यायाम न करना
• ड्रग्स, स्मोक या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करना
मधुमेह (डायबिटीज) से बचाव (Protection of Diabetes in hindi)
● जीवनशैली में परिवर्तन और शारीरिक श्रम करना शुरू करके। अगर आप व्यायाम या योग के लिए समय नही निकाल पा रहे है तो कम से कम 2-3 किलोमीटर पैदल चल सकते है।
● भोजन में कम कैलोरी वाला भोजन खा के। अधिक फाइबर तथा हरी सब्जियां, ताज़े फल, साबुत अनाज, डेयरी उत्पादों और ओमेगा-3 वसा के स्रोतों को अपने भोजन उपयोग करके।
● एक बार मे ज्यादा या दिन में तीन समय खाने के जगह पे उस खाने को 5 या 6 बार में खाया जा सकता है।
● धूम्रपान और शराब का सेवन कम या पूरी तरह से छोड़ कर।
● अत्यधिक तनाव या अवसाद से बचना और रात को पर्याप्त नींद लेंकर। कम नींद लेना स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं होता है।
मधुमेह (डायबिटीज) का परीक्षण (Diagnosis of Diabetes in hindi)
मधुमेह के परीक्षण के लिए कुछ जांच किये जाते हैं-
• हीमोग्लोबिन ए1सी जांच के माध्यम से हमारे 2 से 3 महीने के मधुमेह के गतिविधियों को देखा जा सकता है और किस दवा को बदलने की जरूरत है ये पता लगाया जा सकता है।
• खाली पेट रक्तशर्करा की जाँच करना इस जांच में किसी व्यक्ति को 8 घंटे पहले कुछ खाना पीना नही चाहिये।
• खाने के बाद रक्त शर्करा की जांच इसे खाने के 2 घंटे के बाद किया जाता है।
• ग्लूकोज टोलरेंस टेस्ट की परीक्षण आमतौर पर गर्भावस्था के दौरान मधुमेह से निदान के लिए किया जाता है।
मधुमेह (डियाबेटिस) का इलाज (Diabetes treatment in hindi)
स्वस्थ आहार, स्वस्थ वजन बनाए रखना तथा नियमित रूप से शारीरिक गतिविधि करना मधुमेह के इलाज में अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
1- ब्लड शुगर की जांच करके ये देखा जा सकता है कि शुगर अस्तर सही है या नहीं और इसे 3 से 4 बार जांच करने की आवश्यकता होती हैं।
2- इन्सुलिन की मदद लेनी पड़ती है इसे आपको सुई के माध्यम से अपने शरीर में लेना पड़ता है। टाइप 1 मधुमेह के रोगियों को इसे नियमित रूप से लेना पड़ता है।
3- दवाइयों को लिया जा सकता है।
4- बैरिएट्रिक सर्जरी करवाया जा सकता है।
5- सबसे बड़ा दवा या इलाज ये है कि आप अपने जीवनशैली को बदल दे, सही खाना, समय पे खाना और व्यायाम करना इत्यादि।
मधुमेह (डायबिटीज) में कैसा भोजन करना चाहिए? (Foods for Diabetes in hindi)
मधुमेह के रोगियों को अपने भोजन में शामिल करना चाहिए-
सब्जियां - करेला, मेथी, सहजन, पालक, तुरई, शलगम, बैंगन, परवल, लौकी, मूली, फूलगोभी, ब्रौकोली, टमाटर, बंद गोभी और हरी पत्तेदार सब्जिया।
फल - जामुन, नींबू, आंवला, टमाटर, पपीता, खरबूजा, कच्चा अमरूद, संतरा, मौसमी, जायफल, नाशपाती।
(खाने में बादाम, लहसुन, प्याज, अंकुरित दालें, सलाद, अंकुरित चना, अधिक फाइबर युक्त- सत्तू, बाजरा आदि शामिल करें)
मधुमेह (डायबिटीज) में कैसा भोजन नहीं करना चाहिए? (Food to avoid in Diabetes in hindi)
सब्जियां - आलू का अधिक उपयोग नही करना चाहिए।
फल - आम, केला, सेब, खजूर तथा अंगूर नहीं खाना चाहिए इनमें शुगर की मात्रा ज्यादा होती है।
(चावल, शहद, मक्खन, मीठे भोजन, सफेद ब्रेड, अधिक फैट वाला डेरी उत्पाद और पैक किया हुआ खाना अत्यधिक नही खाना चाहिए)
मधुमेह (डियाबेटिस) के घरेलु उपचार (Diabetes home remedies in hindi)
1- हर रोज खाली पेट सुबह करेले का जूस पिये। करेला से ग्लूकोज की मात्रा बराबर और इन्सुलिन की मात्रा बढ़ती है।
2- तुलसी के पत्तो का रस पीने से ये ब्लड शुगर के मात्रा को कम करता है।
3- दालचीनी का उपयोगी टाइप 2 मधुमेह के रोगियों के लिये अच्छा होता है।
4- मेथी के दानों को रात में भिगो के सुबह खाली पेट खाने से बहुत ही फायदेमंद होता है।
5- आँवला जूस भी बहुत फायदेमंद साबित होता है, इसमे मौजूद विटामिन सी मधुमेह को नियंत्रण करता है।
6- मधुमेह के लिए जामुन की फल, पत्ते और बीज सभी फायदेमंद है। जामुन की मधुमेह के लिए रामबाण औषधि कहा जाता है।
7- एलोवेरा का जूस बढ़े हुवे शुगर को नियंत्रित करता है।
8- नीम के पत्तियों को रोजाना सुबह खाने से मधुमेह के साथ ही साथ कोलेस्ट्रॉल के लिए अच्छा होता है।
सावधानी (Caution)
इस लेख में किसी भी बातो या चीजो का उपयोग किसी विशेषज्ञ की सलाह के बीना नही करें ये आपको बस जागरूक
diabetes awareness in hindi करने के लिए लिखा गया है।
"इस आर्टिकल को पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद"
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